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नरेंद्र गिरी Suicide Mystery: मौत के दिन आखिर 2 बिल्डरों ने महंत को क्यों किया था कॉल; CBI खंगाल रही CDR

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri Death) की मौत को लेकर रोज नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस मामले की जांच करने CBI की टीम प्रयागराज पहुंच गई है।

Narendra Giri Suicide Mystery: CBI team reached Prayagraj, many shocking revelations during  investigation
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Prayagraj, First Published Sep 24, 2021, 11:22 AM IST
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प्रयागराज, उत्तर प्रदेश. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri Death) की मौत की जांच के लिए CBI की टीम प्रयागराज पहुंच चुकी है। जांच में सामने आया है कि मौत वाले दिन यानी सोमवार(20 सितंबर) को महंत के मोबाइल पर 35 कॉल आए थे। इनमें से उन्होंने 18 रिसीव किए थे। फोन पर बात करने वालों में हरिद्वार के कुछ लोगों के अलावा 2 बिल्डर भी शामिल थे। आखिर बिल्डरों ने महंत को कॉल क्यों किया था? इसकी भी जांच हो रही है। महंत के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड ( CDR) निकलवाई गई है। इस बीच अखाड़ा परिषद के सचिव महंत हरी गिरी और निरंजनी अखाड़े के सचिव नरेंद्र पुरी महाराज ने दावा किया है कि नरेंद्र गिरी की गर्दन के चारों तरफ काले निशान देखे गए थे। इससे गला घोंटे जाने की आशंका भी है। SIT ने आनंद गिरी के लैपटॉप से वो वीडियो जब्त किए हैं, जिनका जिक्र महंत नरेंद्र गिरी के सुसाइड नोट में किया गया था।

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आनंद गिरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
ADG(L&O) प्रशांत कुमार ने बताया कि नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसका नाम महंत नरेंद्र गिरी की मौत के मामले में सुसाइड नोट में भी है। आनंद गिरी को उसी दिन पुलिस हिरासत में लिया गया था। अब उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप को भी हिरासत में लिया है। सुसाइड नोट में नरेंद्र गिरी ने इनके नामों का भी उल्लेख किया है। 

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बलवीर गिरी को अपना उत्तराधिकारी बनाया
अपने सुसाइड नोट के 8वें पन्ने में महंत नरेंद्र गिरी ने बाघंबरी गद्दी मठ का उत्तराधिकारी बलवीर गिरी को घोषित किया है। इसके अलावा अपने प्रिय शिष्यों के नाम वसीयत लिखकर भी गए हैं। 

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मौत पर रहस्य गहराया
महंत के प्रिय शिष्य बलवंत गिरी ने दावा किया कि सुसाइड नोट में महंत नरेंद्र गिरी की हैंड राइटिंग नहीं है। बलवंत गिरी का कहना है कि महंत ने कभी उनसे कोई परेशानी शेयर नहीं की। वे अपनी हर जिम्मेदारी के लिए हमेशा तैयार रहे। आईजी केपी सिंह के अनुसार, सोमवार शाम जब 5.25 बजे नरेंद्र गिरी के शिष्य बबलू ने फोन पर सूचना दी थी कि उन्होंने फांसी लगा ली है। गिरी दोपहर का भोजन करने के बाद आराम करने चले गए थे। जब काफी देर तक वे कमरे से बाहर नहीं निकले, तब शिष्यों ने पहले उन्हें फोन किया था।

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वीडियो वायरल करने की बात ने चौंकाया
महंत नरेंद्र गिरी ने करीब 13 पेजों का यह सुसाइड नोट श्री मठ बाधम्बरी गद्दी के लेटर पेड पर लिखा हुआ है। सुसाइड नोट में लिखा- मैं महंत नरेंद्र गिरी, मेरा मन आज बहुत ही विचलित हो गया है। इसके पीछे का कारण आनंद गिरी है। मुझे सूचना मिली है कि वह किसी लड़की की फोटो कम्प्यूटर के जरिए मेरे साथ लगाकर मुझे बदनाम करना चाहता है। मैं कहां तक आनंद गिरि को सफाई दूंगा। आखिर किस-किस को सच बताऊंगा। मैं बदनाम हो गया तो कैसे जी पाऊंगा। इसलिए अपना जीवन समाप्त कर रहा हूं।

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