'कोई यूं ही बेवफा नहीं होता' रामपुर उपचुनाव के बीच अब्दुल्ला आजम ने शायराना अंदाज में अपनों पर कसा तंज

| Nov 28 2022, 11:01 AM IST

'कोई यूं ही बेवफा नहीं होता' रामपुर उपचुनाव के बीच अब्दुल्ला आजम ने शायराना अंदाज में अपनों पर कसा तंज

सार

यूपी के रामपुर उपचुनाव को लेकर सपा और भाजपा में वार-पलटवार का दौर जारी है। वहीं सपा नेता आजम खां के बेटे अब्दुल्ला ने करीबियों के भाजपा में शामिल होने पर शायराना अंदाज में तंज कसा है। उन्होंने कहा कि पुलिस लोगों को धमका रही है।

रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और भाजपा की ओर से जमकर बयानबाजी हो रही है। दोनों पार्टियों के नेता जमकर एक-दूसरे पर वार-पलटवार कर रहे हैं। वहीं सपा के दिग्गज नेता आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास दाग धोने की मशीन है। लेकिन हम लोगों के पास ऐसी मशीन नहीं है। भाजपा अपनी मशीन का इस्तेमाल कर रही है। बता दें कि अब्दुल्ला आजम करीबियों के भाजपा में शामिल होने पर भी शायराना अंदाज में निशाना साधते नजर आए।

अब्दुल्ला आजम ने पुलिस पर लगाए आरोप
विधायक अब्‍दुल्‍ला आजम ने तंज कसते हुए कहा 'कुछ को मजबूरियां रही होंगी, कोई यूं ही बेवफा नहीं होता। उन्होंने आगे कहा कि  सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरह की चुनाव आयोग की परिकल्पना की है। यदि ऐसे ही चुनाव आयोग होता तो आसिम रजा लोकसभा उपचुनाव में दो लाख वोटों से जीतते। अब्दुल्ला ने आगे कहा कि यदि आज भी चुनाव आयोग की ऐसी परिकल्पना हो जाए तो आसिम रजा 50 हजार वोटों से जीतेंगे। इसके अलावा उन्होंने पुलिस पर निशाना साधते हुए कहा कि गंज, कोतवाली, थाना सिविल लाइन और पुलिस अधिकारियों की कॉल डिटेल्स निकाल कर चेक करने पर पता चल जाएगा कि ये लोगों को किस तरह से धमका रहे हैं।

Subscribe to get breaking news alerts

चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना
उन्होंने कहा कि पुलिस लोगों से कहती है कि थाने में शामिल हो जाओ या फिर भाजपा में। गरीब और कमजोर लोग इससे परेशान हो गए हैं। अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें याद है कि 2007 में कोई व्यक्ति शिकायत करता था को चुनाव आयोग अधिकारी बदल देता था. लेकिन अब मंडल में एक ही अधिकारी 6 चुनाव करवा रहा है। गैरकानूनी तरीके से दूसरे राज्य से कैडर बदलकर उन्हें यहां रखा गया है। विधायक ने जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मशकूर मुन्‍ना को लेकर कहा कि उनकी भी मजबूरी है। वह बीडीसी और प्रधानी का चुनाव हार गए। विधायक अब्‍दुल्‍ला आजम ने कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। लेकिन वह इसके खिलाफ कभी नहीं बोले। उन्होंने कहा कि जो उम्र उन्होंने बताई थी, वह सही है। लेकिन किसी ने उनकी बात को नहीं सुना।

'रामपुर उपचुनाव में बीजेपी को घोषित कर दें विजेता' जानिए क्यों आजम खां पुलिस पर हुए हमलावर