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NSUI ने केंद्र सरकार को ठहराया फीस वृद्धि का जिम्मेदार, AU में कई दिनों से किया जा रहा विरोध 

यूपी के इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बीते 23 दिनों से छात्र संगठन लगातार फीस वृद्धि को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का समर्थन करते हुए एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने फीस बढ़ाए जाने को लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार हमला बोला है।

NSUI held central government responsible for fee hike protests being held in AU for several days
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First Published Sep 28, 2022, 4:26 PM IST

प्रयागराज: इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में फीस वृद्धि के खिलाफ विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा पिछले 23 दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। छात्र संगठनों द्वारा किए जा रहे एस आंदोलन को कई राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी के छात्र संगठन NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन भी बुधवार को इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के यूनियन हाल पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने आंदोलित छात्रों को समर्थन करते हुए फीस वृद्धि को वापस लिए जाने की मांग की है। 

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष केंद्र सरकार पर हुए हमलावर
इस दौरान NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने कहा कि हमारे रगों में गोडसे का नहीं बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का खून बह रहा है। इसलिए यह लड़ाई गांधीवादी तरीके से लड़कर जीती जाएगी। वहीं नीरज कुंदन ने 4 गुना फीस बढ़ाए जाने को लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार पर भी हमलावर होते नजर आए। उन्होंने कहा कि यह सरकार पूंजीपतियों को बढ़ावा दे रही है और गरीब छात्रों को शिक्षा के अधिकार से वंचित करने का कुचक्र कर रही है। इसके आगे नीरज कुंदन ने कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर चार गुना फीस वृद्धि की गई है। इलाहाबाद सेंट्रल विश्वविद्यालय की कुलपति तो मोहरा मात्र हैं। 

फीस वृद्धि को लेकर किया जा रहा विरोध प्रदर्शन
इससे पहले NSUI ने दो दिन पहले फीस वृद्धि वापस लिए जाने की मांग को लेकर दिल्ली में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया था। नीरज कुंदन ने कहा कि फीस वृद्धि को लेकर आगे भी NSUI लड़ाई लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर देश के बड़े पूंजीपतियों के बैंक के कर्ज माफ करने की जगह ये पैसा छात्रों की शिक्षा की ओर डायवर्ट किया जाए तो छात्रों को फ्री में शिक्षा दी जा सकती है। फीस वृद्धि के विरोध के चलते छात्र संगठनों को इससे पहले पूर्व IPS अफसर अमिताभ ठाकुर का भी समर्थन प्राप्त हुआ था। 

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