कर्मचारियों का कहना है कि हमारे समस्या को विभिन्न मेडिकल कॉलेज के स्टाफ द्वारा संज्ञान में लिया गया है और उनके द्वारा भी जगह-जगह ज्ञापन दिए गए हैं लेकिन अभी तक मामले की कोई निवारण  होती नहीं दिखाई दे रही।  

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (Kashi Hindu University) स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल में एमएस केके गुप्ता द्वारा नर्सिंग स्टाफ को मारने और बदसलूकी करने से नाराज स्टाफ पिछले 5 दिनों से धरने पर बैठे हैं। धरने के पांचवें दिन नर्सिंग कर्मचारियों ने सद्बुद्धि यज्ञ किया। नर्सिंग कर्मचारियों की मांग है कि एम एस के के गुप्ता (MS KK Gupta) इस्तीफा दें । इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा चार सदस्य टीम गठित कर दी गयी है जिसकी अध्यक्षता विधि संकाय के डीन कर रहे हैं।

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एमएस के के की बदसलूकी से शुरू हुआ धरना
सर सुंदरलाल अस्पताल के एमएस प्रोफेसर गुप्ता के ऊपर नर्सिंग स्टाफ ने आरोप लगाया कि उनके ऑफिसर को प्रोफेसर केके गुप्ता ने थप्पड़ मारे और बदसलूकी की है। इस बात से नाराज़ होकर करीब 200 से अधिक मेडिकल स्टाफ प्रोफेसर गुप्ता के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं । 

सीएम, पीएम तक फैक्स कर दिया है पूरा मामला
नर्सिंग कर्मचारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि हमने इस मामले की पूरी जानकारी प्रधानमंत्री ,मुख्यमंत्री , केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ,राज्य स्वास्थ्य मंत्री सहित अन्य संबंधित विभागों को भी दिया है। इसके साथ हमने विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर से बातचीत करने के लिए निवेदन भी किया लेकिन अभी तक वाइस चांसलर हमारे किसी भी प्रतिनिधिमंडल से बात करने के लिए तैयार नहीं हुए। कर्मचारियों का कहना है कि हमारे समस्या को विभिन्न मेडिकल कॉलेज के स्टाफ द्वारा संज्ञान में लिया गया है और उनके द्वारा भी जगह-जगह ज्ञापन दिए गए हैं लेकिन अभी तक मामले की कोई निवारण होती नहीं दिखाई दे रही। 

राजेंद्र कुमार ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड आईसीयू वार्ड में हमारे स्टाफ काम कर रहे हैं जहां पर आवश्यक सेवाएं हैं वह हम पूरी संख्या में कार्य कर रहे हैं जहां परिस्थिति नॉर्मल है। वह कम संख्या में काम कर रहे हैं किसी भी मरीज को कोई भी असुविधा हमारे द्वारा नहीं हो रही है बस हमारा निवेदन है कि हमारे साथ अन्याय ना हो और एमएस जल्द से जल्द इस्तीफा दें।

एम एस के के गुप्ता ने रखी अपनी बात
प्रो. केके गुप्ता ने मामले पर बात चीत करते हुए कहा है कि उन्होंने किसी के साथ कोई बदसलूकी नहीं की है। कहा कि जब जांच कमेटी बैठी है सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। यहां पर साजिश के तहत ऐसे कृत्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी प्रार्थना है कि महामारी के इस दुर्दिन दिन में वे वापस अपने काम पर लौट आए। बताया कि मैं फिर भी पूर्वांचल की जनता और देश के अलग-अलग भागों से आने वाले मरीजों को इस महामारी में भी सुविधा देने के लिए निवेदन करता हूं कि काम पर लौटे । जिससे हम अपने मानव की सेवा कर सके। यही हम लोगों की शपथ है।