सीएमओ डा. वीबी सिंह का कहना है कि कोविड प्रोटोकाल के तहत प्रेमनाथ का शव परिवारजन को उपलब्ध कराया गया था। सिसई घाट स्थित अंत्येष्टि स्थल पर अंतिम संस्कार की बात पर शव वाहन रोक दिया गया था। शव को पुल से ही नदी में गिरा देने का वीडियो वायरल होने पर मुकदमा लिखाया गया है।  

बलरामपुर (Uttar Pradesh) । कोरोना संक्रमित वृद्ध की मौत के बाद उसके शव को राप्ती नदी में फेंकने का वीडियो वायरल हो रहा है। प्रशासन ने आनन-फानन में नदी में शव फेंकने की जांच के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद कोरोना संक्रमित मृतक सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ निवासी प्रेमनाथ मिश्र (68) के भतीजे संजय कुमार व एक अन्य के खिलाफ देहात कोतवाली में महामारी अधिनियम व आपदा प्रबंधन समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।

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यह है पूरा मामला
एल-टू अस्पताल के नोडल डा. एपी मिश्र के मुताबिक प्रेमनाथ को 25 मई को एल-2 अस्पताल संयुक्त जिला चिकित्सालय बलरामपुर में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत 28 मई की देर शाम हो गई। 29 मई दोपहर को परिवारजन उसका शव लेने पहुंचे। परिवारजन ने शव वाहन के चालक से राप्ती नदी के सिसई घाट पर अंतिम संस्कार करने की बात कही। 

स्वास्थ्य कर्मियों ने दिया पीपीई किट
आरोप है कि इस पर स्वास्थ्य कर्मियों ने वहीं शव उतारकर परिवारजन को एक पीपीई किट उपलब्ध करा दिया। परिवारजन ने पुल के ऊपर से ही शव को राप्ती नदी में फेंक दिया। बताते हैं कि एक कार सवार ने ऐसा करते लोगों का वीडियो तैयार कर वायरल कर दिया। वहीं, वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होते ही स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन हरकत में आ गया। 

सीएम ने कही ये बातें
सीएमओ डा. वीबी सिंह का कहना है कि कोविड प्रोटोकाल के तहत प्रेमनाथ का शव परिवारजन को उपलब्ध कराया गया था। सिसई घाट स्थित अंत्येष्टि स्थल पर अंतिम संस्कार की बात पर शव वाहन रोक दिया गया था। शव को पुल से ही नदी में गिरा देने का वीडियो वायरल होने पर मुकदमा लिखाया गया है।