रविवार शाम नगीना में रायपुर रोड स्थित मैदान में शोषित वंचित समाज सम्मेलन को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि  बच्चियों की शादी 18 साल में नहीं 21 साल में होगी। कानून कहता है कि 18 साल में मनपसंद लड़की से रिलेशनशिप कर सकते हैं। जब 18 साल में लड़की वोट डाल सकती है तो शादी क्यों नहीं कर सकती।  

बिजनौर: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (UP Vidhansabha chunav 2022) से पहले प्रदेश के सभी बडे़ नेता अपनी अपनी जाति और धर्म के लोगों को साधने में लगे हुए हैं। इसी बीच रविवार शाम बिजनौर के नगीना में रायपुर रोड स्थित मैदान में शोषित वंचित समाज सम्मेलन को संबोधित करते हुए आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस, सपा, बसपा, संघ, विहिप और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। कहा कि हर बिरादरी ने अपने समाज के लिए कुछ न कुछ किया है। इतनी बड़ी ताकत में रहने के बाद भी मुसलमानों ने कुछ हासिल नहीं किया। मुसलमान चाहते हैं कि यूपी में उन्हें अपना हिस्सा मिले। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि बच्चियों की शादी 18 साल में नहीं 21 साल में होगी। कानून कहता है कि 18 साल में मनपसंद लड़की से रिलेशनशिप कर सकते हैं। जब 18 साल में लड़की वोट डाल सकती है तो शादी क्यों नहीं कर सकती।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

शोषित वंचित समाज सम्मेलन को किया संबोधित 
रविवार शाम नगीना में रायपुर रोड स्थित मैदान में शोषित वंचित समाज सम्मेलन को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि दलितों ने मायावती को अपना नेता बनाया। यादवों ने अखिलेश को नेता बनाया। चौधरी चरण ङ्क्षसह से लेकर जयंत तक कहते हैं कि जाट हमारे साथ हैं। कुर्मियों ने अपने नेता बनाए। मुसलमानों का कोई नेता नहीं है। ओवैसी ने कहा कि प्रदेश में मुसलमानों की जनसंख्या 19 प्रतिशत है। मुसलमान जब कांग्रेस से नाराज हुए तो बसपा और सपा का साथ दिया। 

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि बच्चियों की शादी 18 साल में नहीं 21 साल में होगी। कानून कहता है कि 18 साल में मनपसंद लड़की से रिलेशनशिप कर सकते हैं। जब 18 साल में लड़की वोट डाल सकती है तो शादी क्यों नहीं कर सकती। हम वजीर ए आजम से पूछना चाहते हैं कि मोदी सरकार आगरा की मस्जिद को खूबसूरत नहीं बना सकती, दिल्ली की जामा मस्जिद का पुनर्निर्माण नहीं कर सकती, मथुरा की मस्जिद को नहीं सुधार सकते, तो फिर सबका साथ सबका विकास कहां है। सब कहते हैं कि हमें वोट दे दो, लेकिन जब सीएए की बात होती है तो सभी पार्टियों के नेता चुप हो जाते हैं। सपा-बसपा मुस्लिमों को डराती हैं। कहती है कि हमें वोट नहीं दोगे तो बीजेपी की सरकार बन जाएगी, लेकिन सपा-बसपा ने मुसलमान को क्या दिया है, केवल दंगे। 

उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे के समय 60 विधायक मुस्लिम थे, लेकिन किसी भी विधायक ने मुसलमानों की हिमायत नहीं की। सम्मेलन की अध्यक्षता मौलाना अली हसन ने तथा संचालन इंतजार मूसा, मौलाना असजद कासमी व उस्मान कासमी ने किया। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली, मेहताब चौहान, उस्मान अंसारी, जाकिर हुसैन, जिला अध्यक्ष नजाकत अली, मौलाना रियाज, मुनव्वर, डा. इकबाल, शुएब खान, मौलाना अली हसन, कंचन सिंह, डा. पवन राव अंबेडकर, नोफील रोमानी एडवोकेट, डा. इफ्तेखार अहमद, ललिता कुमारी उर्फ सायमा, यामीन उर्फ मिन्ना, शमसुद्दीन चौधरी समेत तमाम लोग मौजूद रहे।