मिड डे मील में नमक रोटी का सच दिखाने वाले पत्रकार के समर्थन में अब स्कूली बच्चों के अभिभावक भी उतर गए हैं

मिर्जापुर. मिड डे मील में नमक रोटी का सच दिखाने वाले पत्रकार के समर्थन में अब स्कूली बच्चों के अभिभावक भी उतर गए हैं। उन्होंने बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का फैसला किया है। उनका कहना है कि जब तक पत्रकार पर दर्ज किए गए केस वापस नहीं ले लिए जाते, तब तक वो बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। इस बीच गुरुवार को स्कूल में टीचर क्लास में अकेले बैठे रहे, कोई भी छात्र स्कूल नहीं आया।

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मनोज तिवारी भी कर चुके हैं पत्रकार का समर्थन
दिल्ली में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मिर्जापुर जिले में मिड डे मील में नमक रोटी का सच दिखाने वाले पत्रकार को सम्मानित करने की बात कही है। बुधवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि योगी सरकार को ऐसे पत्रकार को सम्मानित करना चाहिए, जिनके अंदर सच दिखाने की हिम्मत है।

क्या है मिड डे मील में नमक-रोटी का मामला
यूपी के मिर्जापुर जिले के सिऊर गांव के प्राइमरी स्कूल का वीडियो पिछले दिनों वायरल हुआ था। मामला कुछ ऐसा है कि वीडियो में मिड डे मील में बच्चों को सिर्फ नमक रोटी खाते देखा जा सकता है। मामले की जानकारी जब जिले के डीएम अनुराग पटेल को हुई तो उन्होंने तुरंत स्कूल पहुंचकर स्कूल के दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया। यही नहीं, वीडियो बनाने वाले पत्रकार पवन जायसवाल के खिलाफ प्रशासन ने सरकार की छवि खराब करने के आरोप में एफआईआर भी दर्ज कराई। डीएम का कहना था कि पत्रकार प्रिंट मीडिया के हैं, उन्हें वीडियो नहीं बनाना चाहिए था, वो फोटो खिंचकर खबर छापते। 

वहीं, मामले में एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने प्रशासन की कार्रवाई की निंदा करते हुए राज्य सरकार से पवन के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की है। यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने इस मामले में कहा कि सरकार को बदनाम करने का प्रयास गलत है। ये बात सच है कि इसमें किसी व्यक्ति की साजिश दिखाई पड़ रही है। चाहे वो प्रधान के सहयोगी की हो या किसी अन्य की। पूरी जांच रिपोर्ट आ जाए तक कुछ कहना ठीक होगा। यदि कोई निर्दोष होगा तो सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी।