देश के कुल सैंपल में करीब 3.8 फीसदी पॉजिटिव निकल रहे हैं। मतलब यदि 100 सैंपल की जांच हुई तो 96 टेस्ट निगेटिव आ रहे हैं। यदि 10-10 पूल में टेस्ट हों तो 10 पूल में सभी सैंपल्स की जांच हो जाएगी।
इस तरह फटाफट मिलेगी रिपोर्ट
देश के कुल सैंपल में करीब 3.8 फीसदी पॉजिटिव निकल रहे हैं। मतलब यदि 100 सैंपल की जांच हुई तो 96 टेस्ट निगेटिव आ रहे हैं। यदि 10-10 पूल में टेस्ट हों तो 10 पूल में सभी सैंपल्स की जांच हो जाएगी। वर्तमान प्रतिशत के मुताबिक दो या तीन पूल में ही पॉजिटिव मरीज आएंगे। ऐसे में अगर दो पूल पॉजिटिव आए तो 20 सैंपल ही दोबारा जांच लिए जाएंगे। यानी महज 20 सैंपल की जांच करनी होगी। ऐसे में जांच का खर्च एक चौथाई हो जाएगा।
इस तरह होगी जांच
प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कि पूल टेस्टिंग तकनीक में अगर 10 सैम्पल्स को चेक करने पर टेस्ट निगेटिव आते हैं तो माना जाता है कि सभी सैम्पल्स संक्रमण मुक्त हैं और अगर इसमें संक्रमण निकलता है तो इन सैम्पल्स की जांच अलग-अलग करनी पड़ती है। इससे स्क्रीनिंग का काम तेज हो जाता है। इसका प्रोटोकॉल तय हो रहा है, मंगलवार (आज) से इस पर भी कार्य प्रारम्भ किया जाएगा। जर्मनी व इजराइल में पूल टेस्टिंग से जांच शुरू हो चुकी है।
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