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मुख्तार अंसारी मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने बढ़ाया जांच दायरा, पूर्वांचल के दो सांसदों से जल्द करेगी पूछताछ

पूर्वांचल के माफिया डॉन और बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी का बुरा दौर जारी है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में जुटी प्रवर्तन निदेशालय ने परिवार के बाद उसके करीबियों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। साले और बेटे के बाद अब उनके करीबी लोग ईडी की रडार पर है। 

Prayagraj ED expands probe Mukhtar Ansari money laundering case interrogate two MP from Purvanchal
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First Published Nov 12, 2022, 1:59 PM IST

प्रयागराज: बांदा जेल में बंद पूर्वांचल के माफिया डॉन व बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। बाहुबली के बेटे अब्बास अंसारी और साले सरजील रजा की गिरफ्तारी के बाद अब पूर्वांचल से बसपा के दो सांसद अब ईडी की रडार पर हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों सांसदों में से एक अंसारी परिवार से है तो दूसरा उनका करीबी है। ऐसा माना जा रहा है कि ईडी जल्द ही नोटिस जारी कर दोनों सांसदों से पूछताछ कर सकती है।

मई को ईडी ऑफिस पहुंचकर बयान कराया था दर्ज
मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी और साले सरजील रजा से हुई पूछताछ के बाद ईडी की टीम अब दोनों बसपा सांसदों का बयान दर्ज करने की तैयारियों में जुट गई है। वहीं दूसरी ओर गाजीपुर से सांसद और मुख्तार के बड़े भाई अफजाल अंसारी का बयान ईडी इसी साल मई महीने में पहले भी दर्ज कर चुकी है। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय के समन के बाद अफजाल अंसारी ने इसी साल नौ मई को प्रयागराज पहुंचकर ईडी दफ्तर में अपना बयान दर्ज कराया था। एक बार फिर ईडी अब अफजाल अंसारी को फिर से समन जारी कर उनसे पूछताछ के लिए तैयारी कर रही है।

ईडी की जांच में अब तक हुआ है इनका खुलासा
अभी तक की जांच में सामने आया है कि सांसद अफजाल अंसार ही मुख्तार, उसके बेटों व ससुराल के लोगों के अवैध कारोबार को सियासी तौर पर संरक्षण दिलाते थे। वहीं जांच में सहयोग न करने के आधार पर ईडी की टीम अब अफजाल अंसारी की गिरफ्तारी भी कर सकती है। मुख्तार के परिवार के बेहद करीबी कहे जाने वाले घोसी सीट से बीएसपी के सांसद अतुल राय भी ईडी के निशाने पर हैं। कुछ दिनों पहले अतुल राय सांसद चुने जाने के बाद से ही जेल में बंद हैं। इन दिनों वह प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में बंद है। बता दें कि अतुल राय ने कारोबार और सियासत की शुरूआत मुख्तार अंसारी के परिवार से जुड़कर ही की थी और दोनों का कारोबार भी एक ही था। मुख्तार के परिवार की कंपनी मोबाइल टावर लगाने का काम करती है तो वहीं अतुल राय की कंपनी मोबाइल टावर में तेल सप्लाई का काम करती है।

ईडी को बसपा सांसद व मुख्तार के रिश्तों पर है शक
प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी को शक है कि अतुल राय की कंपनी भी मुख्तार के परिवार की बेनामी है। बसपा सांसद अतुल राय की कंपनी में अघोषित तौर पर मुख्तार के परिवार की हिस्सेदारी हो सकती है। मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी और साले सरजील रजा से हुई पूछताछ में भी ईडी को अतुल राय से जुड़ाव के बारे में काफी अहम जानकारियां मिली है। हालांकि साल 2022 के लोकसभा चुनाव के दौरान मुख्तार के परिवार और अतुल राय में दूरियां बढ़ गई थी। दोनों के परिवार और अतुल राय में आर्थिक लेनदेन भी होता था। अब ईडी इस बात का पता लगाने में लगी है कि क्या मुख्तार के परिवार और अतुल राय के रिश्ते सचमुच खराब हो गए हैं। इसके अलावा क्या अब उनके बीच अब कोई कारोबारी रिश्ता नहीं है और कोई आर्थिक लेनदेन नहीं होता या फिर सियासी दिखावे के लिए दोनों ने एक दूसरे से दूरी बनाकर रखी हुई है।

ईडी की प्रयागराज यूनिट मनी लॉन्ड्रिंग मामले की रही जांच 
बता दें कि मुख्तार अंसारी के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच ईडी की प्रयागराज यूनिट कर रही है। बीते दिनों ईडी की टीम ने मुख्तार के विधायक बेटे अब्बास अंसारी और साले सरजील रजा को गिरफ्तार किया हुआ है। कोर्ट की परमिशन से दोनों को अपनी कस्टडी रिमांड में लिए हुए हैं। पूछताछ के लिए अब्बास और सरजील का दो बार घंटों आमना-सामना भी कराया जा चुका है। मुख्तार के परिवार की कंपनी के कुछ कर्मचारियों की पूछताछ के लिए भी समन जारी किया है। वहीं कंपनी के दो कर्मचारियों के बयान भी ईडी दर्ज कर चुकी है। इसके अलावा सरकारी विभाग फ़ूड कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया के अफसरों को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। ऐसा बताया जा रहा है कि मुख्तार अंसारी के परिवार ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर उस पर निर्माण कराने के बाद सरकारी जमीन को सरकारी विभाग एफसीआई को ही किराए पर दे दिया था। इस मामले को लेकर ईडी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मुख्तार अंसारी के परिवार ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर उस पर निर्माण कराने के बाद सरकारी जमीन को सरकारी विभाग एफसीआई को ही किराए पर दे दिया था। अगर बयान से संतुष्ट नहीं हुई तो एफसीआई के अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

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