यूपी चुनाव में अब्दुल्ला आजम का नामांकन खारिज होने का डर अब समाप्त हो गया है। जांच के बाद अब्दुल्ला का नामांकन वैध पाया गया है। वहीं आजम खां की पत्नी तंजीन फातिमा का नामांकन रद्द हो गया है। तंजीन फातिमा के अलावा प्रदीप कुमार का पर्चा भी खारिज हुआ है। 

रामपुर: आजम खां (Azam Khan) और उनके परिवार को अब्दुल्ला का नामांकन खारिज होने का सता रहा डर शनिवार को समाप्त हो गया। नामांकन पत्रों की जांच के बाद अब्दुल्ला (Abdullah Azam) का पत्र वैध पाया गया। हालांकि इस दौरान आजम खां की पत्नी तंजीन फातिमा समेत 6 उम्मीदवारों के नामांकन को खारिज कर दिया गया। आजम के बेटे अब्दुल्ला के नामांकन में आपत्ति लगाई गई थी। हालांकि निर्वाचन अधिकारी ने आपत्ति को निरस्त कर दिया। इसी के साथ ही अब्दुल्ला का पर्चा वैध करार दिया। जांच के बाद रामपुर में पांचों सीटों पर 46 प्रत्याशी मैदान में बचे हुए हैं। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

गौरतलब है कि अब्दुल्ला आजम स्वार-टांडा सीट से प्रत्याशी हैं। वह पिछले चुनाव में इसी सीट से विधायक चुने गए थे। हालांकि विधायक चुने जाने के बाद विवाद सामने आया था और हाईकोर्ट ने कम उम्र में चुनाव लड़ने पर उनकी विधायकी रद्द कर दी थी। इसी मामले को इस बार भी आधार बनाया गया। अब्दुल्ला के खिलाफ चुनाव लड़ रहे अपना दल प्रत्याशी हैदर अली खान उर्फ हमजा मियां ने आपत्ति दाखिल की। लेकिन निर्वाचन अधिकारी सचिन राजपूत ने यह आपत्ति खारिज कर दी। बताया गया कि यह मामला कोर्ट में हैं और चुनाव लड़ने की उम्र से अब्दुल्ला अभी ज्यादा हैं। 

निर्वाचन अधिकारी ने अब्दुल्ला का पर्चा वैध करार दिया और उनकी मां तंजीन फातिमा का पर्चा खारिज कर दिया। यहां प्रदीप कुमार का पर्चा भी खारिज हुआ है। उन्होंने अपना शपथ पत्र नोटरी वकील से नहीं बनवाया था। लिहाजा उन्हें नोटिस जारी कर शनिवार 11 बजे तक शपथ पत्र जमा करने के लिए कहा गया था। लेकिन उनके द्वारा ऐसा नहीं किया गया। जिसके चलते उनका पर्चा खारिज हो गया।