पिटाई से उसके कंधों और सिर पर चोट लगी। इससे वह बेहोश हो गया। परिवार के लोग आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सरकारी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान अब उसकी मौत हो गई।

बिजनौर (Uttar Pradesh)। किसी तरह जान जोखिम में डालकर घर पहुंचे युवक के परिवार वाले ही उसके दुश्मन बन गए। चचेरे भाइयों ने कोरोना टेस्ट कराने की बात कही, जिसे लेकर उसका उनसे विवाद हो गया। इस दौरान चचेरे भाइयों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच में जुट गई। यह घटना बिजनौर जिले के मालकपुर गांव की है। 

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यह है पूरा मामला
मंजीत सिंह 19 मई को दिल्ली से बिजनौर पहुंचा था। उसकी थर्मल स्क्रीनिंग हुई थी। रिपोर्ट नेगेटिव होने के कारण उसकी सैंपल नहीं ली गई थी। वहीं, युवक के वापस घर लौटने के बाद उसके चचेरे भाई कपिल और मनोज उसे कोरोना की जांच कराने को कह रहे थे। गूरुवार को उन्होंने फिर से यह बात दोहराई। जिसे लेकर दोनों में विवाद हो गया। इस दौरान मंजीत ने अपने चचेरे भाईयों पर आरोप लगाया कि वो उसकी दादी की सही तरीके देखभाल नहीं कर रहे हैं। गुस्से में दोनों ने लाठी से मंजीत की पिटाई शुरू कर दी।

बेहोश होने पर छोड़ा, अस्पताल में मौत
पिटाई से मंजीत सिंह के कंधों और सिर पर चोट लगी। इससे वह मंजीत बेहोश हो गया। परिवार के लोग आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सरकारी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान अब उसकी मौत हो गई।
(प्रतीकात्मक फोटो)