माघ मेले में ही लगने वाले विश्व हिंदू परिषद के शिविर में 20 जनवरी को केंदीय मार्ग दर्शक मंडल की बैठक होगी। इनमें राम मंदिर निर्माण से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों के पास किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। इसे अगले दिन होने वाले संत सम्मेलन में स्वीकृति के लिए रखा जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्यवाही होगी।

प्रयागराज (Uttar Pradesh) । माघ मेले में 21 जनवरी को संत सम्मेलन का आयोजन किया गया है, जिसमें राम मंदिर मुद्दे पर देशभर से आए साधु-संतों से मंथन होगा। इसमें धर्मांतरण, संस्कृति और पवित्र नदियों की रक्षा पर चर्चा होगी। इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सीएम योगी और संघ के पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। खबर है कि योगी बतौर गोरक्ष पीठाधीश्वर शिरकत करेंगे। 

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विहिप की चल रही बैठक
शिविर में विश्व हिंदू परिषद काशी प्रांत के पदाधिकारियों की बैठक चल रही है। उद्घाटन सत्र में क्षेत्रीय संगठन मंत्री अंबरीश सिंह ने कहा कि संगठन सामाजिक समरसता के लिए हिंदू समाज की एकता एवं वर्तमान समय में हिंदू समाज संस्कृत के समक्ष खड़ी चुनौतियों एवं ज्वलंत विषयों को चिंतन के लिए कार्यक्रम हो रहा है। 

एक बार फिर तय होगी मंदिर निर्माण की भूमिका

अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है। तीन माह के अंदर ट्रस्ट का गठन होना है। ऐसी उम्मीद की जा रही है ट्रस्ट के गठन से लेकर साधु संत और विहिप खुद इस मंदिर निर्माण में अपनी भूमिका को एक बार फिर से संगम की धरती से ही तय करेंगे।

ट्रस्ट में शामिल करने की होगी मांग

साधु संत यह मानते हैं कि मंदिर आंदोलन में जिन पूज्य संतों और संगठनों, राजनेताओं का सहयोग और सानिध्य मिला उन्हें ट्रस्ट में शामिल किया जाना चाहिए, जबकि विहिप का साफ तौर मामना है कि केंद्रीय मार्ग दर्शक मंडल की बैठक में निश्चित तौर पर बड़ा निर्णय हो सकता है।