सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे, जिसके बाद बचाव कार्य में राष्ट्रीय आपदा राहत बल की भी मदद ली जा रही है। साथ ही अब मरने वाले मजदूरों के परिजनों को चार-चार लाख रूपए सहयोग राशि के तौर पर देने की घोषणा किया है।

सोनभद्र (Uttar Pradesh) । ओबरा खनन स्थित बिल्ली-मारकुंडी पत्थर की खनन खिसकने से अभी भी कई मजदूरों के दबे होने की बातें की जा रही हैं। इस हादसे में अब तक 5 मजदूरों का शव बाहर निकाला जा चुका है, जबकि इसके पहले दो मजदूरों को गंभीर स्थिति में बाहर निकालकर अस्‍पताल में भर्ती कराया जा चुका है। बता दें कि हादसे के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे, जिसके बाद बचाव कार्य में राष्ट्रीय आपदा राहत बल की भी मदद ली जा रही है। साथ ही अब मरने वाले मजदूरों के परिजनों को चार-चार लाख रूपए सहयोग राशि के तौर पर देने की घोषणा किया है।

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रात में इस कारण रोक दिया गया राहत-बचाव कार्य
शुक्रवार की शाम को घटना होने के बाद से ही खदान क्षेत्र से मलबा हटाने का काम चल रहा है। रात में अंधेरा काफी होने और पत्थर दोबारा गिरने की आशंका को देखते हुए रात में राहत और बचाव कार्य रोक दिया गया था। शनिवार की सुबह जैसे ही पुनः राहत और बचाव कार्य प्रशासन की देखरेख में शुरू हुआ वैसे ही पत्थरों के नीचे से मजदूरों के शव मिलने लगे। अब तक पांच मजदूरों के शव मिले हैं।

सीएम ने लिया घटना संज्ञान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायल मजदूरों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने के भी आदेश दिए हैं। साथ ही सीएम ने मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। 

जारी है मलबा हटाने का कार्य
सोनभद्र के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव दुर्घटनास्थल पर पहुंचे थे। अभी कई और मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। पोकलेन मशीन आदि की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।