सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दोबारा छल-बल से आई भाजपा के संरक्षण में अपराधियों ने बिना खौफ अपनी अवांछनीय गतिविधियां शुरू कर दी हैं, जबकि प्रशासन तंत्र भी उन पर हाथ डालने से हिचकता है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बीते 5 साल के दौरान सूबे की कमान संभाल रही योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर विपक्षी दल लगातार हमला बोलते हुए नजर आते हैं। चुनावी रैलियों के दौरान तेज हुई बयानबाजी के बीच रविवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दोबारा छल-बल से आई भाजपा के संरक्षण में अपराधियों ने बिना खौफ अपनी अवांछनीय गतिविधियां शुरू कर दी हैं, जबकि प्रशासन तंत्र भी उन पर हाथ डालने से हिचकता है।

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'दोबारा सत्ता में आने से असामाजिक तत्वों को मिल रहा अहंकारी नेतृत्व' 
अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि भाजपा राज में पहले भी भय और भ्रष्टाचार का बोलबाला था। अब तो दोबारा सत्ता में आने से असामाजिक तत्वों को अहंकारी नेतृत्व का भी साथ मिल गया है। भाजपा सरकार की वापसी पर दुद्धी सोनभद्र में होली पर बुलडोजर पर हुड़दंगियों ने बारात निकाली। पुलिस मूकदर्शक बनी रही। राज्य में दोबारा छल-बल से आई भाजपा सरकार से जनता की उम्मीदों पर पानी फिरा है और चारों ओर निराशा का कोहराम है। अभी तो शपथ भी नहीं हुई। आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है। 

पूरी तरह असंवेदनशील है भाजपा सरकार- अखिलेश यादव 
उन्होने कहा कि गाजियाबाद में होली के दिन घर में घुस कर साहिबाबाद क्षेत्र में 11वीं की छात्रा से गैंगरेप की घटना प्रकाश में आई है। छात्रा जब थाने में शिकायत दर्ज कराने गई तो उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। यही नहीं, उसके साथ अभद्रता भी की गई। भाजपा के झूठे वादों से परेशान होकर बुन्देलखण्ड के किसान और युवा आत्महत्या को मजबूर हैं। 71 दिनों में 76 लोगों ने खुदकुशी की है। न युवाओं को रोजगार, न ही किसानों को उनकी उपज का दाम मिलने की उम्मीद है। खुदकुशी करने वालों में छात्र, नौजवान, बेरोजगार, किसान, महिलाएं तथा अन्य कई वर्गों के लोग है। किसान एवं नौजवान की तो बद से बद्त्तर स्थिति है। पीड़ित परिवारों की मदद भी नहीं की जा रही है। भाजपा सरकार पूर्णतया असंवेदनशील है।