यूपी में महिला विधायकों के लिए आयोजित विशेष सत्र के बाद अब नई तैयारी जारी है। ऐसे विधायकों के लिए एक विशेष सत्र आयोजित होगा जिन्होंने मानसून सत्र से लेकर बजट सत्र तक चुप्पी साधे रखी। 

लखनऊ: यूपी में महिला विधायकों के लिए एक दिन का विशेष सत्र आयोजित कर इतिहास रचने के बाद नई तैयारी जारी है। ऐसे विधायक जिन्होंने बजट सत्र से लेकर मानसून सत्र तक चुप्पी साधे रखी उनके लिए एक विशेष सत्र आयोजित होगा। यह सत्र उन तमाम विधायकों की चुप्पी को तोड़ने के लिए आयोजित किया जाएगा। 

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विधानसभा अध्यक्ष ने मांगी जिम्मेदारी
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की ओर से ऐसे सभी विधायकों का ब्योरा मांगा गया है जिन्होंने दोनों ही सत्रों में एक बार भी अपनी बात नहीं रखी। इन विधायकों के लिए शीतकालीन सत्र में एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। मीडिया रिपोर्टस में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि सत्ता पक्ष और विपक्ष में ऐसे 100 से अधिक विधायक है। इन विधायकों को या तो सदन में बोलने का अवसर नहीं मिला या फिर उन्होंने प्रयास ही नहीं किया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के द्वारा बताया गया कि ऐसे विधायकों को अवसर देने के लिए ही नई पहल की जा रही है।

नया इतिहास रचने की है तैयारी
जिस तरह से महिला विधायकों के लिए विशेष सत्र आयोजित कर इतिहास रचा गया था उसी तरह से चुप्पी साधने वाले विधायकों के लिए भी विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। उस विशेष सत्र में सिर्फ उन विधायकों को बोलने का अवसर ही दिया जाएगा जिन्हें या तो सदन में बोलने का अवसर नहीं प्राप्त हुआ या फिर उन्होंने चुप्पी साधे रखी। इसको लेकर तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि इस नई पहल के बाद उन तमाम विधायकों की सहभागिता भी बढ़ेगी। आपको बता दें कि यूपी विधानसभा का मानसून सत्र कुल 18 घंटे 11 मिनट तक चला था। इस सत्र की उपलब्धि थी कि 5 दिन के उपवेशनों में सदन एक बार भी बाधित नहीं हुआ। इसको लेकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सभी सदस्यों का आभार भी प्रकट किया था। उन्होंने कहा था कि इस तरह से यूपी विधानसभा से दूसरे राज्यों में भी सकारात्मक संदेश जा रहा है। 

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