अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर किए गए इस सर्वे में 5795 महिलाएं शामिल हुईं थीं, जिनमें आगरा की 580 महिलाएं शामिल थीं। जनवरी में तैयार इस सर्वे की रिपोर्ट चौंकाने वाली आई है। संस्था के निदेशक डॉ. प्रणव प्रकाश के मुताबिक इन 10 बड़े शहरों में 32 फीसदी ऐसी महिलाएं हैं, जो बीमार होने के बाद भी काम पर जाती हैं। इसमें ताज नगरी आगरा की हालत सबसे ज्यादा खराब है। यहां कामकाजी महिलाओं में ओवरटाइम का औसत 72 फीसद है।

वाराणसी (Uttar Pradesh)। देश के 10 शहर आगरा, दिल्ली, मुंबई, कानपुर, चंडीगढ़, जयपुर, पटना, रांची, वाराणसी, भोपाल में वेदा लाइफ रिसर्च संस्था ने सर्वे किया। ये सर्वे कामकाजी पर महिलाओं पर किया गया है। अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर किए गए इस सर्वे में 5795 महिलाएं शामिल हुईं, जिनमें आगरा की 580 महिलाएं शामिल थीं। जनवरी में तैयार इस सर्वे की रिपोर्ट चौंकाने वाली आई है। संस्था के निदेशक डॉ. प्रणव प्रकाश के मुताबिक इन 10 बड़े शहरों में 32 फीसदी ऐसी महिलाएं हैं, जो बीमार होने के बाद भी काम पर जाती हैं। इसमें ताज नगरी आगरा की हालत सबसे ज्यादा खराब है। यहां कामकाजी महिलाओं में ओवरटाइम का औसत 72 फीसद है।

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पारिवारिक समस्या जूझ रहीं चार में एक महिला 
हर चार में से एक कामकाजी महिला घर में पति से विवाद और पारिवारिक समस्या से जूझ रही हैं। 30 से 45 साल की उम्र में मोटापा, त्वचा संबंधी समस्या, मधुमेह, थायरॉइड के साथ पॉली सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) की शिकार हो रही हैं। इससे गर्भधारण में भी समस्या आ रही है।

यह भी है जानिए
-32 फीसदी महिलाएं बीमार होने के बाद भी करती हैं काम।
-32 फीसदी महिलाएं करती हैं ओवरटाइम।
-43 फीसदी महिलाएं हैं मोटापा से परेशान।
-44 फीसदी महिलाएं त्वचा रोग से पीड़ित।
-16 फीसदी कामकाजी महिलाएं पीसीओएस से हैं पीड़ित।

इनकी भी हालत खराब
-दिल्ली की महिलाएं ऑफिस की जल्दबाजी में अक्सर नाश्ता नहीं ले पाती हैं।
-मुंबई और कानपुर की कामकाजी महिलाओं में बालों के गिरने की समस्या है।
-जयपुर, पटना और भोपाल की कामकाजी महिलाओं में आत्मविश्वास की कमी है।
-चंडीगढ़ की महिलाएं त्वचा संबंधी परेशानियों से पीड़ित हैं।
-रांची में महिलाओं का बढ़ता वजन परेशानी पैदा कर रहा है।

(प्रतीकात्मक फोटो)