उत्तर प्रदेश में अब विधान परिषद की 36 सीटों के लिए स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचन की प्रक्रिया मंगलवार को फिर से शुरू होगी। इस चुनाव को पहले दो चरणों में कराए जाने के लिए फरवरी में अधिसूचना जारी की गई थी। इसके लिए नामांकन चार और पांच फरवरी को हो भी चुका था। तभी विधान परिषद का चुनाव स्थगित कर दिया गया था। अब इसकी प्रक्रिया दोबारा शुरू हो रही है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव तो पूरी तरह से संपन्न हो चुके है। प्रदेश में अब विधान परिषद की 36 सीटों के लिए स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचन की प्रक्रिया मंगलवार को फिर से शुरू होगी। इस चुनाव को पहले दो चरणों में कराए जाने के लिए फरवरी में अधिसूचना जारी की गई थी। इसके लिए नामांकन चार और पांच फरवरी को हो भी चुका था। तभी विधान परिषद का चुनाव स्थगित कर दिया गया था। अब इसकी प्रक्रिया दोबारा शुरू हो रही है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

विधान परिषद चुनाव से संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि पहले चरण जिसकी नामांकन प्रक्रिया फरवरी में जहां से रोकी गई थी वहीं से आगे बढ़ाया जाएगा। 15 मार्च से 19 मार्च तक नामांकन स्वीकार किए जाएंगे। यानी पहले चरण की 29 सीटों के लिए जिन लोगों ने 4 व 5 फरवरी को नामांकन किया था वह मान्य होगा। उसे दोबारा नामांकन करने की जरूरत नहीं है।

छह सीटों पर 22 मार्च तक होंगे नामांकन
निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि 35 प्राधिकारी क्षेत्र को पहले दो भागों में बांटकर चुनाव कराया जाना प्रस्तावित था। लेकिन साथ में विधानसभा चुनाव भी चल रहा था इसी वजह से तारीखों में संशोधन कर दिया गया था। चूंकि पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इसलिए उसे आगे जारी रखा जा रहा है। इसके अलावा बाकी की छह सीटों पर यानी गोंडा, फैजाबाद, बस्ती-सिद्घार्थनगर, गोखपुर-महाराजगंज, देवरिया और बलिया के लिए 15 मार्च से 22 मार्च तक नामांकन लिए जाएंगे। सभी 35 निर्वाचन क्षेत्रों की 36 सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल को सुबह 8 बजे से 4 बजे तक होगा और मतगणना 12 अप्रैल को होगी।

19 मार्च तक होगा इन सीटों में नामांकन
मुरादाबाद-बिजनौर, रामपुर-बरेली, बदायूं, पीलीभीत-शाहजहांपुर, हरदोई, खीरी, सीतापुर, लखनऊ-उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, बाराबंकी, बहराइच, आजमगढ़-मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, मिर्जापुर-सोनभद्र, इलाहाबाद, बांदा-हमीरपुर, झांसी-जालौन-ललितपुर, कानपुर-फतेहपुर, इटावा-फर्रूखाबाद, आगरा-फिरोजाबाद, अलीगढ़, बुलन्दशहर, मेरठ-गाजियाबाद एवं मुजफ्फरनगर-सहारनपुर तथा मथुरा-एटा-मैनपुरी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के लिए 19 मार्च तक नामांकन लिए जाएंगे। मथुरा-एटा-मैनपुरी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से 2 सदस्य तथा शेष निर्वाचन क्षेत्रों से 1-1 सदस्य निर्वाचित होने हैं।

जानिए सपा और भाजपा का क्या है हाल
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रंचड बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने में कामयाब रही तो वहीं समाजवादी पार्टी 2017 की तुलना में सीटों की बढ़त के साथ सत्ता में वापसी नहीं कर सकी। लेकिन मौजूदा समय में विधान परिषद में समाजवादी पार्टी को बहुमत है। परिषद में सपा की 48 सीटें हैं, जबकि बीजेपी की 36 सीटें हैं। हालांकि, सपा के 8 एमएलसी अब बीजेपी में जा चुके हैं। वहीं, बसपा का एक एमएलसी भी बीजेपी में आ गए हैं। 

भाजपा विधान परिषद चुनाव की स्थानीय निकाय क्षेत्र सदस्य चुनाव में अपने काडर को मौका देगी, वहीं, करीब 10 सीटों पर सपा समेत अन्य दलों से आए नेताओं को उतारने की तैयारी है। पार्टी होली के बाद परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची घोषित करेगी। वहीं, भाजपा की ओर से साफ कर दिया गया है कि विधानसभा चुनाव में हारने वाले नेताओं को एमएलसी का टिकट नहीं दिया जाएगा।

लखनऊ से उत्तराखंड के बीच बनाया जाएगा 300 किमी लंबा एक्सप्रेस वे, 2027 तक बनकर तैयार होने की उम्मीद