हरदोई (Uttar Pradesh)  । बीमार महिला के उपचार के लिए आए दो तांत्रिक उसके बेटी की बलि देना चाहते थे। परिवार के लोगों ने ऐसा करने से मना किया तो वे यह कहते हुए घर से बाहर निकल गए। वहीं, इसकी जानकारी होने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों तांत्रिकों को गिरफ्तार कर लिया। आइये जानते हैं पूरी कहानी।

दो माह से थी बीमार
बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के सदिकामऊ गांव निवासी ब्रम्हा पुत्र द्वारिका की पत्नी रामदेवी की तबियत दो माह से खराब थी। भाई के दामाद ने झाड़ फूंक कराने की सलाह दी और तांत्रिकों का मोबाइल नंबर दिया। स्वजन ने बताया कि सीतापुर के थाना मिश्रिख के तलुवापुर ग्राम निवासी विद्या सागर 18 नवंबर को आया और रामदेवी को देखकर बताया था कि इस पर किसी का साया है। पूजा करनी होगी, इसके लिए पांच हजार रुपए और दो देशी शराब के पौआ लाकर रखना।

बलि के बिना नहीं बचेगी जान
विद्या सागर अपने एक और साथी ठाकुर प्रसाद के साथ आया और तंत्रमंत्र शुरू किया। तंत्र-मंत्र के शुरू होने के बाद दोनों ने एक लड़की की बलि देने की बात कही, जिस पर ब्रम्हा के भाई नाराज हो गए। इसके बाद दोनों तांत्रिकों ने कहा कि रामदेवी का कोई नहीं बचा सकता है अब उसका मरना तय है। 

भागे तांत्रिकों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
तांत्रिकों की बात कहकर निकल गए। ब्रम्हा ने बेनीगंज कोतवाल राजकरन शर्मा को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने भाग रहे दोनों तांत्रिकों को नयागांव के निकट गिरफ्तार कर लिया।