यूपी के बागपत में खराब सड़कों और हाइवे के चलते एक पूर्व फौजी ने सरकार के खिलाफ अनूठा विरोध प्रदर्शन किया है। पूर्व फौजी द्वारा किए जा रहे अनोखे तरीके का विरोध प्रदर्शन की वीडियो सोशल मीडिया पर भी काफी तेजी से वायरल हो रहा है।

पारस जैन

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बागपत: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जहां एक ओर राज्य के विकास की बात करती नजर आती है तो वहीं दूसरी ओर देश की संसद से सिर्फ 40 किलोमीटर दूर यूपी के बागपत जिले में विकास पिछड़ा हुआ है। बता दें कि बागपत जिले में विकास की रफ्तार काफी धीमी है। इसकी एक झलक भी देखने को मिली है। दिल्ली सहारनपुर नेशनल हाइवे 709 बी की स्थिति काफी बदहाल हो चुकी है। हाइवे में गड्ढे हैं या गड्ढों में हाइवे इस बात का अंदाजा लगा पाना काफी मुश्किल है। इसीलिए जिले का एक पूर्व फौजी सुभाष कश्यप हाथ में टॉर्च और लालटेन लेकर हाइवे को ढूंढने निकल पड़ा। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। 

यात्रियों को परेशानियों का करना पड़ता है सामना
बता दें कि पूर्व सैनिक द्वारा सरकार को आइना दिखाने का ये अनूठा विरोध प्रदर्शन काफी सुर्खियों में हैं। वहीं क्षेत्र में भी यह चर्चा का विषय बन गया है। दिल्ली से लेकर यमनोत्री तक नेशनल हाइवे 709बी का निर्माण कार्य जारी है। इस कारण से लोनी गोल चक्कर से लेकर खेकड़ा तक हाइवे का तकरीबन 22 किलोमीटर का रास्ता बेहद जर्जर और बदहाल स्तिथि में है। इस दौरान हाइवे पर यात्रा करने वालों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर उन लोगो को जो बीमार है उन्हें इलाज के उपचार के लिए ले जाते समय कई बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालत इतनी बदहाल है कि समय से उपचार न मिलने के कारण कई बार मरीज रास्ते मे ही दम तोड़ देता है।

अनूठा आंदोलन बना चर्चा का विषय
बागपत के खेकड़ा तहसील क्षेत्र निवासी पूर्व में लोकसभा चुनाव लड़ चुके सेवानिवृत्त फौजी ने इस हाईवे के शीघ्र निर्माण की मांग को लेकर एक अनूठा ही आंदोलन खड़ा कर दिया है। उनका विरोध करने का ये अनोखा प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। पूर्व फौजी सुभाष चंद कश्यप ने दिन के उजाले में एक हाथ मे लालटेन और दूसरे हाथ मे प्रधानमंत्री मोदी का मुखोटा लेकर लगभग 22 किलोमीटर तक हाईवे की खोज की। सुभाष कश्यप का कहना है कि सड़कों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के दावे बागपत में फेल हो रहे हैं। बागपत डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक कई बार इसकी शिकायत भी की जा चुकी है। लेकिन इसके बाद भी हाइवे की स्थिती जस की तस बनी हुई है।

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