करीब 15 घंटे घर में शव रखने के बाद उन्नाव पीड़िता के परिजन शव दफनाने के लिए तैयार हो गए। प्रशासन की तरफ से पीड़ित परिवार को 2 मकान, बहन को सरकारी नौकरी और परिवार को शस्त्र का लाइसेंस देने का आश्वासन देने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।

उन्नाव (Uttar Pradesh). करीब 15 घंटे घर में शव रखने के बाद उन्नाव पीड़िता के परिजन शव दफनाने के लिए तैयार हो गए। प्रशासन की तरफ से पीड़ित परिवार को 2 मकान, बहन को सरकारी नौकरी और परिवार को शस्त्र का लाइसेंस देने का आश्वासन देने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। पीड़िता के शव को दफनाया जाएगा। इस दौरान पीड़िता की बहन ने कहा, बहन को एक बार जलाया जा चुका है। जिसके बाद तड़प-तड़पकर उसकी जान चली गई। अब उसे दोबारा जलाने की हिम्मत नहीं है। इसलिए उसे दफनाने का फैसला लिया। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

बहन ने रखी थी सीएम योगी को बुलाने की मांग
बता दें, पीड़िता की बहन ने अपनी मांग रखते हुए कहा था, मेरी बहन (पीड़िता) की बैंक में सरकारी नौकरी थी। हमें भी सरकारी नौकरी चाहिए। जब तक सीएम योगी आदित्यनाथ आकर पर्सनली नहीं मिलेंगे तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा। 

दादा-दादी के पास दफनाया गया पीड़िता का शव
पीड़िता के शव को जलाने के बजाय दफनाने का फैसला किया गया है। घर से एक किमी दूर खेत में स्थित दादा-दादी की समाधि के पास ही पीड़िता के शव को दफनाया जाएगा।

कोर्ट तो पैसे वालों के लिए है
सजा पर बहन ने कहा, बहन ने बयान दिया, सारे प्रमाण दिए। कोर्ट तो पैसे वालों के लिए है। हमारे लिए तो कुछ भी नहीं है। मैं बस इतना चाहती हूं कि आरोपियों को फांसी की सजा हो। 

यूपी सरकार ने पीड़ित परिवार को दिया 25 लाख रुपए का चेक
बता दें, शनिवार यूपी के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने पीड़ित परिवार को 25 लाख का चेक दिया था। जिसके बाद पीड़िता के पिता ने कहा- क्या 25 लाख में मेरी बेटी वापस आ जाएगी। हालांकि, लोगों के समझाने पर परिवार ने चेक ले लिया। इस दौरान मौके पर मौजूद सपा नेताओं ने भी पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए देने की मांग की, तो स्वामी ने जवाब दिया कि सपा ने बदायूं गैंगरेप में पीड़िताओं को कोई मदद नहीं दी थी।

क्या है पूरा मामला
मामला बिहार थाना क्षेत्र के हिंदूनगर का है। कुछ दिन पहले यहां युवती के साथ रेप की घटना को अंजाम दिया गया था। मामले में दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भी भेजा। हाल ही में वे जमानत पर जेल से बाह आए थे। मामले में गुरुवार को युवती मामले की पैरवी के लिए रायबरेली जा रही थी। रास्ते में सुबह करीब चार बजे दोनों नामजद आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। जिसके बाद पीड़िता का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां 6 दिसंबर की रात करीब 11 बजे उसने दम तोड़ दिया। बीते गुरुवार यानी 5 दिसंबर को उसे जलाया गया था, जिसमें उसका 90% शरीर झुलस गया था। मरते दम तक पीड़िता आरोपियों को सजा दिलाने की बात कहती रही थी। पुलिस सभी आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है, उन्हें न्यायिक हिरासत में भी भेज दिया गया है।