यूपी के कैबिनेट मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने यति नरसिंहानंद गिरी के बयान की निंदा करते हुए उन्हें सिरफिरा बताया है। यति नरसिंहानंद द्वारा हर घर तिरंगा नहीं भगवा लगाने की अपील के बाद से वह लोगों के निशाने पर आ गए थे।

लखनऊ: जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने हाल ही में एक वीडियो जारी करते हुए 'हर घर तिरंगा' अभियान का विरोध किया था। जिसके बाद वह लोगों के निशाने पर आ गए थे। अब इस मामले पर यूपी सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। हर घर तिरंगा अभियान पर नरसिंहानंद गिरी ने लोगों से अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज की जगह भगवा झंडा फहराने की अपील की थी। जिसके बाद संतों ने भी उनके इस बयान की निंदा की थी। संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी इस बयान पर आपत्ति जताई थी। नरसिंहानंद के इस बयान पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह ने कहा सिरफिरा
राष्ट्रीय ध्वज के खिलाफ बयान पर ठाकुर जयवीर सिंह ने कहा कि यति नरसिंहानंद सिरफिरे व्यक्ति हैं। देश में आज भी ऐसे लोगों की कमी नहीं हैं। देश में कई लोग ऐसे हैं जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तक को नहीं छोड़ते हैं। मैं उनके बयान की निंदा करता हूं। वहीं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के संतों ने यति नरसिंहानंद के बयान के विरोध में कहा था कि हर भारतीय को तिरंगा फहराना चाहिए। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने उनके बयान की निंदा करते हुए कहा था कि तिरंगा हमारी शान है और हर भारतीय को तीन दिन तक अपने घर पर तिरंगा लगाना चाहिए। नरसिंहानंद गिरी जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर हैं, उन्हें इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए। इस बयान के बाद अखाड़ा परिषद ने उनके बयान से किनारा कर लिया था। 

हर घर भगवा ध्वज लगाने की अपील 
महामंडलेशवर यति नरसिंहानंद ने लोगों से एक वीडियो बना कर लोगों से अपने घर पर तिरंगा की जगह भगवा झंडा लगाने की अपील की थी। इस वीडियो को उन्होंने युट्यूब पर भी अपलोड किया लेकिन लोगों के समझाने पर इसे डिटीट कर दिया था। हांलाकि यह वीडियो वायरल हो गई थी। लोगों ने इस बयान पर उनको आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। यति नरसिंहानंद का कहना है कि यह अभियान वर्तमान में सत्तारूढ़ पार्टी चलवा रही है। बंगाल की कंपनी को तिरंगा बनाने का सबसे बड़ा ऑर्डर दिया गया है। साथ ही बंगाल की जिस कंपनी को यह ऑर्डर दिया गया है उसका मालिक गैर संप्रदाय के धर्म से है। 

विवादों से है पुराना नाता
राष्ट्रीय ध्वज के खिलाफ बयान देने के बाद वह लोगों के निशाने पर आ गए थे। जिसके बाद लोग उन पर कार्यवाही की मांग करने लगे। जब नरसिंहानंद गिरी से इस बयान के बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह वीडियो 15 दिन पुराना है। बता दें कि जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी गाजियाबाद में डासना देवी मंदिर के पीठाधीश्वर व विवादास्पद पुजारी हैं। इससे पहले भी कई बार वह विवादों में रह चुके हैं।

अब्बास अंसारी को 25 अगस्त तक गिरफ्तार करने का आदेश, मजबूत नेटवर्क के सामने फेल साबित हो रही लखनऊ पुलिस