प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यूक्रेन से लौटे छात्रों से बातचीत की। इन छात्रों ने उनसे अपने अनुभव साझा किए। छात्र वाराणसी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों से थे। जानकारी के मुताबिक जौनपुर और चंदौली में जनसभा को संबोधित करने के बाद पीएम मोदी ने बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने बच्चों से उनके हालचाल जाने। साथ ही यूक्रेन में मौजूद हालात के बारे में जानकारी ली। 

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यूक्रेन से लौटे छात्रों से बातचीत की। इन छात्रों ने उनसे अपने अनुभव साझा किए। छात्र वाराणसी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों से थे। जानकारी के मुताबिक जौनपुर और चंदौली में जनसभा को संबोधित करने के बाद पीएम मोदी ने बच्चों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने बच्चों से उनके हालचाल जाने। साथ ही यूक्रेन में मौजूद हालात के बारे में जानकारी ली। 

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227 लोगों की हुई यूपी वापसी
बता दें कि रूस (Russia) ने अपने पड़ोसी यूक्रेन (Ukraine) पर 24 फरवरी को हमला कर दिया था. रूस के इस हमले के बाद यूक्रेन में करीब 20 हजार लोग फंस गए। इनमें से अधिकांश वहां पढ़ रहे छाथ हैं। इनमें से 2 हजार 501 लोग उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के निवासी हैं। इनमे से 227 लोगों की अबतक वापसी हो चुकी है। यूक्रेन में फंसे उत्तर प्रदेश के लोगों ने सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है।

यूक्रेन में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से यूक्रेन से वापस आए लोगों को घर तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था की जा रही है। जो लोग यूक्रेन में फंसे हैं, उनमें से कुछ ने केंद्र तो कुछ ने सीधे प्रदेश सरकार की तरफ से जारी नंबर्स पर संपर्क कर मदद मांगी है.राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद ने बताया कि सभी की सकुशल वापसी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य स्तरीय को कंट्रोल रूम से जिन 2501 लोगों की जानकारी जुटाई गई है, उसे विदेश मंत्रालय से सांझा किया गया है, जिससे सबको सुरक्षित वापस लाया जा सके। 

यूक्रेन में फंसे यूपी के जिन 2501 लोगों का डेटा अब तक तैयार हुआ है उनमें अधिकतर लखनऊ के हैं। अबतक लखनऊ के 151 लोग चिन्हित हुए हैं। इनमें से अब तक 22 लोगों की भारत वापसी हो चुकी है। इसके बाद गाजियाबाद के 142 में 4, बिजनौर के 108 में से 8 और मेरठ के 101 में से 6 लोगों को भारत वापस लाया जा चुका है।