सार
यूपी चुनाव (UP Chunav 2022) के चौथे चरण में 9 जिलों की 59 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। मतदान के बाद सभी 624 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है। मतदाताओं ने किसके पक्ष में फैसला लिया है इसका पता 10 मार्च को चलेगा।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 18वीं विधानसभा के गठन के लिए 9 जिलों के 59 विधानसभा क्षेत्रों में बुधवार को मतदान हुआ। चौथे चरण में 4 मंत्रियों समेत 624 प्रत्याशी मैदान में थे। हालांकि अब इन सभी प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है। 2017 के चुनावों की बात करें तो 9 जिलों की 59 सीटों में से 51 भाजपा गठबंधन के पास थीं। जबकि 4 सीटों पर समाजवादी पार्टी तथा 2-2 पर बसपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी।
आपको बता दें कि चौथे चरण में पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, बांदा व फतेहपुर में मतदाता सुबह से ही मतदान को लेकर उत्साहित नजर आए। चौथे चरण में मतदाताओं 624 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला किया। इनमें 91 महिला प्रत्याशी हैं। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष व शांतिपूर्ण मतदान के लिए जो तैयारियां पूरी की थी उसका असर भी देखने को मिला। हालांकि कई जगहों पर ईवीएम खराब होने के चलते मतदान कई घंटों तक प्रभावित रहा।
लखनऊ की दो सीटों पर योगी के मंत्री
लखनऊ पूर्वी विधानसभा सीट को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है। 1991 से लेकर 2017 तक बीजेपी जीत दर्ज करती आ रही है। बीजेपी से आशुतोष टंडन एक बार फिर से चुनावी मैदान में थे तो सपा ने अनुराग भदौरिया को उतारा था। कांग्रेस ने छात्र नेता रहे मनोज तिवारी और बीएसपी ने आशीष सिन्हा ताल ठोक रहे थे। ऐसे ही लखनऊ कैंट सीट पर बीजेपी से बृजेश पाठक को उतारा था, जो योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री है जबकि सपा ने राजू गांधी को प्रत्याशी बनाया। बसपा ने ब्राह्मण व्यवसायी अनिल पांडेय हैं तो कांग्रेस से सिख समुदाय के दिलप्रीत सिंह विर्क को मैदान में थे। हालांकि इन सीटों पर सभी प्रत्याशियों की किस्मत अब ईवीएम में कैद हो चुकी है।
सरोजिनी नगर सीट पर सभी की नजर
हाईप्रोफाइल सीट सरोजनीनगर पर ईडी के ज्वाइंट डायरेक्टर रहे राजेश्वर सिंह को मैदान में थे। उनके सामने सपा ने पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा को उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया। कांग्रेस से रुद्र दमन सिंह उर्फ बबलू सिंह को तो बसपा ने जलीस खान को उतारा। यहां मुख्य टक्कर सपा और कांग्रेस के बीच ही मानी जा रही है। हालांकि मतदाताओं का फैसला अब ईवीएम में कैद हो चुका है।
रायबरेली सीट पर अदिति सिंह के लिए चुनौती
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का गढ़ कहे जाने वाले रायबरेली जिले की पांच सीटों पर चौथे चरण में मतदान हुआ। रायबरेली की सदर विधानसभा सीट पर बीजेपी की प्रत्याशी अदिति सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। जिनके पिताजी कांग्रेस से 1993 से 2017 तक लगातार विधायक रहे और 2017 में में अदिति ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता. लेकिन इस बार अदिति सिंह बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में थे। अदिति सिंह के सामने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आरपी यादव। . कांग्रेस ने इस सीट पर मनीष सिंह चौहान को को उतारा तो बसपा से मोहम्मद अशरफ चुनाव लड़े। हालांकि अदिति गढ़ बचाने में कामयाब हुई या नहीं इसका फैसला 10 मार्च को ही होगा।
हरदोई में नितिन अग्रवाल की साख दांव पर
हरदोई सदर विधानसभा सीट से बीजेपी ने नितिन अग्रवाल को अपना उम्मीदवार बनाया। उनका सीधा मुकाबला सपा के अनिल वर्मा से था। नितिन अग्रवाल पूर्व सांसद व मंत्री रहे नरेश अग्रवाल के बेटे हैं। नितिन अग्रवाल तीन बार से विधायक बन रहे हैं और अब चौथी बार चुनावी मैदान में उतरे हैं। हरदोई सदर सीट पर बसपा से शोभित पाठक उर्फ सनी और कांग्रेस से आशीष कुमार सिंह चुनाव मैदान में है। ऐसे में देखना है कि नितिन अग्रवाल अपनी जीत का सिलसिला जारी रख पाते हैं कि नहीं। फिलहाल जनता के मन में जो भी था वह ईवीएम में कैद हो चुका है।
संडीला सीट पर बसपा के पूर्व मंत्री
हरदोई की संडीला विधानसभा सीट पर बसपा के दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री अब्दुल मन्नान की साख दांव पर लगी है। मन्नान एक बार फिर से संडीला सीट से चुनावी मैदान में हैं, जिनके खिलाफ सपा की सहयोगी भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के प्रदेश अध्यश्र सुनील अर्कवंशी ने किस्मत आजमाई। वहीं, बीजेपी से अलका सिंह चुनाव मैदान में थे। संडीला सीट पर बसपा और सुभासपा दोनों की दलों की प्रतिष्ठा यहा दांव पर लगी है तो बीजेपी भी अपना किला बचाए रखने की कवायद में है। हालांकि मतदान के बाद अब जीत किसकी होती है इसका फैसला तो 10 मार्च को ही होगा।
UP Election Info: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में 403 विधानसभा सीट के लिए पहले चरण का मतदान 10 फरवरी, दूसरा चरण 14 फरवरी, तीसरा चरण 20 फरवरी, चौथा चरण 23 फरवरी, पांचवां चरण 27 फरवरी, छठा चरण 3 मार्च और अंतिम चरण का मतदान 7 मार्च को है। कुल 7 चरणों में होगा यूपी में चुनाव। मतगणना 10 मार्च को होगी।