मुख्य आरोपित हयात जफर समेत चार के खिलाफ पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत कार्रवाई करने के लिए फाइल तैयार कर ली है। तीन और आरोपितों के खिलाफ रासुका की फाइल तैयार कराने के लिए सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।

कानपुर: बीते तीन जून को हुई हिंसा के मामले में पुलिस आरोपियों के खिलाफ लगातार शिकंजा कसती नजर आ रही है। दूसरी तरफ एसआईटी की टीम भी फाइल तैयार करने में जुटी हुई है। मुख्य आरोपित हयात जफर समेत चार के खिलाफ पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत कार्रवाई करने के लिए फाइल तैयार कर ली है। तीन और आरोपितों के खिलाफ रासुका की फाइल तैयार कराने के लिए सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। 

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आरोपियों के खिलाफ एसआईटी ने फाइल की तैयार
कानपुर हिंसा के आरोपियों पर एसआईटी तेजी से कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने हयात जफर हाशमी, जावेद अहमद, मोहम्मद राहिल और मोहम्मद सुफियान के खिलाफ रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) की कार्रवाई के लिए लिखापढ़ी पूरी कर फाइल तैयार कर ली है। आरोपितों की निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज हो चुकी है।

रासुका के लिए इन बातों को बनाया आधार
सूत्रों के मुताबिक आरोपित जैसे ही उच्च न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल करेंगे, उसी दौरान रासुका की फाइल आगे बढ़ा दी जाएगी। डीएम के आदेश पर रासुका तामील कराया जाएगा। इनके अलावा पुलिस तीन और गिरफ्तार आरोपितों पर रासुका लगाने के लिए फाइल तैयार करने में जुटी है। उनकी जमानत अर्जी दाखिल होने के साथ ही पुलिस उनके खिलाफ भी फाइल आगे बढ़ा देगी। रासुका की फाइल में पुलिस ने लिखा है कि तीन जून को नई सड़क, चमड़ा मंडी, दादामियां चौराहा और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल था। लोग अपनी जान बचाकर इधर-उधर भाग रहे थे। लोगों में भय था। भीड़ हैरान हो रही थी। सब तरफ से पत्थर चल रहे थे।

हर पत्थरबाज को दिए गए थे हजार रुपये
साथ ही एसआईटी ने जांच में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि नुपूर शर्मा के बयान के खिलाफ भड़की हिंसा में हर पत्थरबाज को हजार रुपये और पेट्रोल बम फेंकने वाले को 5000 रुपए प्रति व्यक्ति दिया गया था। एसआईटी ने कहा है कि नई सड़क हिंसा का मुख्य उद्देश्य चन्द्रेश्वर हाता खाली कराना था।

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