शिवपाल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आप सभी की भावनाओं और जनभावना का सम्मान करते हुए हमने खुले दिल से समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया था, किंतु हमारे साथ विश्वासघात हुआ है। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि इस घात का ही परिणाम है कि आज समाजवादी पार्टी विपक्ष में बैठी है। 

लखनऊ: चाचा शिवापाल और भतीजे अखिलेश यादन के बीच दूरी कम होने का नाम नहीं ले रही है। अखिलेश यादव चाचा शिवपाल यादव को नजर अंदाज करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। बुधवार को सपा के स्‍टार प्रचारकों की सूची के शिवपाल यादव का नाम हटा के बड़ा झटका दिया है। तो वही शिवापला यादव ने तय किया कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी इस साल के अंत में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। 

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शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि पिछले कुछ महीने मेरे जीवन के सबसे कठिन समय थे। यह राजनीतिक धैर्य, त्याग, आत्म-संयम और समाज की उम्मीदों की परीक्षा थी। 

शिवपाल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आप सभी की भावनाओं और जनभावना का सम्मान करते हुए हमने खुले दिल से समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया था, किंतु हमारे साथ विश्वासघात हुआ है। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि इस घात का ही परिणाम है कि आज समाजवादी पार्टी विपक्ष में बैठी है। हमारी पार्टी प्रगतिशील समाजवाद व समावेशी राष्ट्रवाद के सिद्धांत के साथ आगे बढ़ेगी। राम के नाम पर विभाजन और नफरत की राजनीति की इजाजत किसी को नहीं है।

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सपा ने स्टार प्रचारकों की सूची से शिवपाल का नाम हटाया
बुधवार को सपा के स्‍टार प्रचारकों की सूची के शिवपाल यादव का नाम हटा के बड़ा झटका दिया है। बीते दिनों लगातार यह देखने को मिला है कि शिवपाल इशारों ही इशारों में अखिलेश पर निशाना साधते रहे हैं तो अखिलेश भी चाचा पर सियासी वार करने से नहीं चूकते। विधानसभा में अपनी सीट को लेकर भी शिवपाल ने विधानसभा अध्‍यक्ष को पत्र लिखा था। जानकारों का कहना है कि जल्‍द ही दोनों की राहें जुदा हो सकती हैं। 

स्‍टार प्रचारकों की सूची में आजम खान सहित 40 नाम शामिल 
बता दें कि रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव के लिए सपा के स्‍टार प्रचारकों की लिस्‍ट से उनका नाम गायब है। जबकि इस लिस्‍ट में मुलायम सिंह यादव, आजम खान, उनके बेटे अब्‍दुल्‍ला आजम, सपा के प्रमुख महासचिव प्रो.रामगोपाल यादव सहित कुल 40 नाम शामिल हैं।