एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि रात भर पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश डालती रही। जिसके बाद करीब तीन बजे सुभारती के पास एक होटल से छह युवक गिरफ्तार कर लिए गए। फिलहाल सभी को टीपी नगर थाने में रखा गया है।  सभी का आपराधिक इतिहास जुटाया जा रहा है।

मेरठ: थाने में आपर्तिजनक बैनर लगाने के मामले में पुलिस 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अन्य आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है। पुलिस ने इस बात की जानकारी ट्वीटर पर दी है।

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पुलिस रात भर डालती रही दबिश
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि रात भर पुलिस आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश डालती रही। जिसके बाद करीब तीन बजे सुभारती के पास एक होटल से छह युवक गिरफ्तार कर लिए गए। फिलहाल सभी को टीपी नगर थाने में रखा गया है। सभी का आपराधिक इतिहास जुटाया जा रहा है। जिन लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं, उन लोगों का भी आपराधिक इतिहास होने की जानकारी मिल रही है। 

यह था पूरा मामला
दरअसल, मेडिकल पुलिस थाने में लगे एक कथित बैनर की तस्वीर शुक्रवार को वायरल हुई जिसमें लिखा था कि भाजपा कार्यकर्ताओं का थाने आना मना है। थाने की दीवार में लगे बैनर की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा कि ऐसा पहली बार हुआ है इन पांच-छह सालों में। सत्तापक्ष के लोगों का आना मना हुआ थानों में। ये है उप्र की भाजपा सरकार का बुलंद इक़बाल।

यह थी विवादित बैनर लगाने के पीछे की असली कहानी
मामले की असलीयत कुछ और ही थी मेडिकल थाने पर टंगा बैनर और किसी ने नहीं बल्कि खुद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लगवाया था। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इंस्पेक्टर संत शरण सिंह के खिलाफ नारेबाजी भी की और उनका थाने से तबादला करने की मांग उठाई। बाद में पुलिस लाइन से आकर थाने पहुंचे सीओ ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया और थाने की दीवार से विवादास्पद बैनर हटवाया। 

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