आजम खान की मुश्किलों का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। गुरुवार को आजम खान व उनके सहयोगियों पर दो अलग अलग मामले दर्ज किए हैं। सांसद पर गैर इरादतन हत्या, भैंस चोरी, लूटपाट व जमीन कब्जाने का आरोप है।

रामपुर (उत्तर प्रदेश). सपा सांसद आजम खान की मुश्किलों का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। गुरुवार को आजम खान व उनके सहयोगियों पर दो अलग अलग मामले दर्ज किए हैं। सांसद पर गैर इरादतन हत्या, भैंस चोरी, लूटपाट व जमीन कब्जाने का आरोप है। एफआईआर में पूर्व पुलिस अफसर आले हसन व एसओजी के पूर्व सिपाही का भी नाम शामिल है। वहीं, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम की अगुवाई में किसानों ने आजम खान की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना देना शुरू कर दिया है।

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 जबरन घर में घुस आए 30-40 लोग
एसपी अजय पाल शर्मा ने बताया कि, कोतवाली रामपुर के मजार अल्लाहू दादा नालापार निवासी जाकिर अली, आसिफ अली ने आजम खान पर केस दर्ज कराया है। जाकिर ने अनुसार, सरायगेट यतीमखाना बस्ती में 40 परिवार 50-60 सालों से रहते थे। जिनमें जाकिर का भी एक परिवार था। जिसकी किराएदारी की रसीदें, वक्फ विभाग का आवंटन पेपर भी मौजूद है। लेकिन 15 अक्टूबर 2016 को आवंटन निरस्त कर दिया गया। उस दिन तत्कालीन सीओ सिटी आले हसन, फसाहन शानू, वीरेंद्र गोयल, इस्लाम ठेकेदार, एसओजी सिपाही धर्मेंद्र 30-40 अज्ञात लोगों के साथ जबरन घर में घुस आए। बताया कि आजम खान ने भेजा है। यह जमीन जौहर ट्रस्ट की है। 

लोगों को पीटने के बाद घर से लूट ले गए सामन
तब इन लोगों ने बल पूर्वक यतीमों को न सिर्फ मारा पीटा, बल्कि उनके घरों का सामान, भैंसे तक लूट ली गईं। उसी दौरान शहजादी बेगम नाम की एक महिला (जाकिर की मां) को मारा पीटा गया था, जिसके चलते अगले दिन उनकी मृत्यु हो गई थी। बाद में घरों पर बुल्डोजर चला दिया गया। जाकिर का आरोप है, दबंगों ने 16 हजार रुपए, कीमती सामान लूट ले गए थे। पुलिस में इसकी शिकायत की गई, लेकिन थाने से भगा दिया गया। 

कई धाराओं में दर्ज किया केस
मामले में तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक सहित मानवाधिकार आयोग ने जांच बैठाई थी। लेकिन पूर्व के अधिकारियों ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। अब इन लोगों ने एक बार फिर कांग्रेस नेता फैसल लाला के माध्यम से पहले डीएम को ज्ञापन सौंपकर इंसाफ की गुहार लगाई थी और बाद में कई पीड़ित परिवारों ने पुलिस अधीक्षक को मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दी। जिस पर सांसद आज़म खान, तत्कालीन सीओ आले हसन, एसओजी सिपाही धर्मेंद्र सहित कई लोगों पर धारा के तहत केस दर्ज किया गया है।