उत्तर प्रदेश के यूपी बोर्ड परीक्षा पेपर लीक होने के बाद प्रशासन पहले से सख्त हो गया है। उसी के चलते अलीगढ़ से आज यानी चार अप्रैल को हाईस्‍कूल की विज्ञान विषय की परीक्षा में अलीगढ़ में तीन फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए। इन्‍हें फ्लाइंट टीम ने पकड़ा है। ये परीक्षार्थी उम्र कम करने के लिए दोबारा हाईस्‍कूल की परीक्षा दे रहे थे। तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है।

अलीगढ़: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं चल रही है। 2022 की परीक्षाओं में पेपर लीक भी हुआ जिसके बाद से उसे दूसरी तारीख पर स्थगित कर दिया गया। लेकिन अभी हाल ही में एक ऐसा मामला सामना आया है कि परीक्षा के दौरान फर्जी छात्र बैठकर परीक्षा दे रहे थे। दरअसल यूपी बोर्ड हाईस्कूल की विज्ञान विषय की परीक्षा में तीन फर्जी छात्र पकड़े गए हैं। सुबह 08 से 11:15 बजे की पाली में इनको प्रशासन की फ्लाइंग ने पकड़ा है। ये फर्जी छात्र उम्र कम करने के लिए छह से आठ साल बाद दोबारा हाईस्कूल की परीक्षा दे रहे थे।

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फर्जी छात्रों के साथ प्रधानाचार्य भी FIR होगी दर्ज
यूपी के अलीगढ़ के एसीए इंटर कॉलेज अतरौली से अनुज, केएमवी इंटर कॉलेज अतरौली से आकाश और के एंड एसआरएमवी इंटर कालेज अतरौली से हरिओम को उम्र छिपाकर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया है। जिसमें से अनुज और आकाश दोनों ही बुलंदशहर के निवासी हैं। जबकि हरिओम अतरौली का ही निवासी है। अतरौली के केंद्रों में परीक्षा देने से पहले इन फर्जी परीक्षार्थियों के दस्तावेज मिलाते समय हुई चूक के चलते केंद्र व्यवस्थापक और इन फर्जी छात्रों के नामांकन करने वाले प्रधानाचार्यों पर भी एफआइआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। अभी इनसे तत्काल स्पस्टीकरण मांगा जा रहा है। डीआइओएस डा. धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि तीनों फर्जी छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। इनके नामांकन करने वाले कॉलेजों के प्रधानाचार्य के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

जूते-मोजे कदापि न उतरवाएं
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट 2022 परीक्षा 24 मार्च से शुरू हुई थी। इस बार 51 लाख 92 हजार परीक्षार्थी 8373 केंद्रों पर परीक्षा दे रहे हैं। लेकिन इसी बार 10वीं और 12वीं की परीक्षार्थियों की तलाशी में थोड़ी राहत दी गई है। परीक्षा कक्ष में जाने से पहले छात्र-छात्रओं की तलाशी में जूते-मोजे तक उतरवाए जाते हैं। जिसकी वजह से काफी असुविधाएं होती है। इसी को देखते हुए छूट दी गई थी। दरअसल अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने केंद्र व्यवस्थापकों को कड़े निर्देश दिए थे कि परीक्षा अवधि में परीक्षार्थियों के जूते-मोजे कदापि न उतरवाएं।

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