युवक ने जिस वक्त भगवान को अपनी बलि देने की कोशिश की उस दौरान मंदिर परिसर में काफी संख्या में लोग मौजूद थे। चीखने की आवाज सुनकर जब लोग वहां पहुंचे तो वह खून से लथपथ शिवलिंग के सामने पड़ा था। किसी तरह लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया।

हमीरपुर. उत्तर प्रदेश में आस्था के नाम पर बलि चढ़ाने का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक भक्त ने अष्टमी की रात खुद की गर्दन काट कर भगवान शिव को चढ़ाने की कोशिश की। उसके चीखने की आवाज सुनकर जब लोग वहां पहुंचे तो वह खून से लथपथ शिवलिंग के सामने पड़ा था। किसी तरह लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है।

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भगवान को खुश करने के लिए काट दी खुद की गर्दन
दरअसल, हैरान कर देने वाली यह घटना हमीरपुर जिले के बेरी गांव में घटी। जहां 49 साल के रुक्मणि विश्वकर्मा ने बेतवा नदी के किनारे बने प्राचीन कोटेश्वर मंदिर में शनिवार रात अपनी गर्दन पर चाकू से काटने लगा। युवक ने दो से तीन बार चाकू मारे ही थे कि वह चीखते हुए गिर पड़ा। फिर कुछ देर बाद खून से लथपथ हालत में बेहोश हो गया। बता दें कि युवक भगवान को खुश करने के लिए अपनी बलि देना चाहता था।

तांत्रिक सिद्धि के लिए उठाया ये कदम
बता दें कि युवक ने जिस वक्त भगवान को अपनी बलि देने की कोशिश की उस दौरान मंदिर परिसर में काफी संख्या में लोग मौजूद थे। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि युवक ने अंधविश्वास के तहत तांत्रिक सिद्धि के लिए ऐसा कदम उठाया था। फिलहाल उसे अस्पताल में उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।