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UPPCS Sucess Story: किसान आंदोलन के टेंट में बैठ की पढ़ाई, अब बने असिस्टेंट कमिश्नर...पढ़ें इंद्रपाल की कहानी

किसान आंदोलन का हिस्सा रहे इंद्रपाल सिंह का सेलेक्शन UPPCS में हो गया है। इंद्रपाल उत्तर प्रदेश सरकार में असिस्टेंट कमिश्नर बन गए हैं। फिलहाल वह दो साल तक प्रोविजनल पीरियड पर हैं। 

uttar pradesh, indrapal singh studied in farmers protest tent at Ghazipur border and become uppcs officer
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Ghazipur, First Published Oct 26, 2021, 5:03 PM IST
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गाजियाबाद : दिल्ली-यूपी के गॉजीपुर (Ghazipur)बॉर्डर  पर कृषि कानून को लेकर पिछले 11 महीने से आंदोलन कर रहे किसानों के बीच से एक पॉजिटिव खबर आई है। इस आंदोलन का हिस्सा रहे इंद्रपाल सिंह (Inderpal Singh) का सेलेक्शन UPPCS में हो गया है। इंद्रपाल उत्तर प्रदेश सरकार में असिस्टेंट कमिश्नर बन गए हैं। फिलहाल वह दो साल तक प्रोविजनल पीरियड पर हैं। इंद्रपाल सिंह किसान आंदोलन की हर छोटी बड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेते रहे। लेकिन, हिंसक प्रदर्शन नहीं किया। इसके साथ यहां पर रहने के दौरान सिर्फ पढ़ाई की। 

मेहनत लाई रंग
कौशांबी (Kaushambi)के रहने वाले इंद्रपाल सिंह किसान आंदोलन का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने यहीं पर अपनी तैयारी की और आंदोलन में 6 महीने से ज्यादा का समय बिताया। आंदोलन के दौरान इंद्रपाल एक टेंट में बैठकर पढ़ाई करते थे। नतीजा यह निकला कि उनका सेलेक्शन  UPPCS में हो गया। मार्च में इंटरव्यू होने के बाद जून में उन्होंने अपनी पोस्ट संभाल ली। फिलहाल वह दो साल के प्रोविजन पीरियड पर हैं, उसके बाद वह असिस्टेंट कमिश्नर बनेंगे।

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आंदोलन के दौरान ही दिया इंटरव्यू
इंद्रपाल शुरुआती समय से ही आंदोलन स्थल पर पहुंचने वालों में रहे। इंद्रपाल आंदोलन की हर छोटी बड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेते रहे. लेकिन, हिंसक प्रदर्शन नहीं किया। इसके साथ यहां पर रहने के दौरान सिर्फ पढ़ाई की। इस दौरान यहां पर आने वाले बच्चों को भी पढ़ाया। आंदोलन में रहते हुए ही उनका UPPCS के मेंस में चयन हुआ और वह इंटरव्यू में शामिल हुए। यहां भी सफलता भी मिली। उनकी इस सफलता पर उनका परिवार काफी खुश है।  

अब बिल पर लोगों को करेंगे जागरूक 
इंद्रपाल सिंह ने बताया कि वह अब सिस्टम का हिस्सा हैं। सेलेक्शन के बाद वह कभी आंदोलन में शामिल नहीं हुए। उन्होंने बताया कि पहले वह खुद तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के बारे में जानकारी हासिल करेंगे। इसके बाद इसके फायदे के बारे में बताएंगे, साथ ही सभी को जागरूक भी करेंगे।

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