योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि फिल्म मजहबी कट्टरता व आतंकवाद की अमानवीय विभीषिका को निर्भीकता से प्रकट करती है। निःसंदेह यह चलचित्र समाज व देश को जागरूक करने का काम करेगा। ऐसी विचारोत्तेजक फिल्म निर्माण के लिए पूरी टीम को बधाई देता हूं।

लखनऊ: 1989-90 में हुए कश्मीरी पंडितों के पलायन का दर्द सामने लाने वाली फिल्म द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files) की टीम ने लखनऊ में प्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi adityanath) से मुलाकात की। इस दौरान फिल्म के प्रोड्यूसर अभिषेक अग्रवाल, निर्देशक विवेक अग्निहोत्री, अनुपम खेर और पल्लवी जोशी मौजूद रहें।

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बता दें कि द कश्मीर फाइल्स, कश्मीरी पंडितों के पलायन पर बनी है। प्रदेश में फिल्म को टैक्स फ्री किया गया है। फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। पूरे देश में यह फिल्म 100 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर चुकी है।

योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि फिल्म मजहबी कट्टरता व आतंकवाद की अमानवीय विभीषिका को निर्भीकता से प्रकट करती है। निःसंदेह यह चलचित्र समाज व देश को जागरूक करने का काम करेगा। ऐसी विचारोत्तेजक फिल्म निर्माण के लिए पूरी टीम को बधाई देता हूं।

बिहड़ सकते हैं देश के हालात
मुरादाबाद से सपा के सांसद डॉ. एसटी हसन ने फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर रोक लगाए जाने की मांग की है। उन्होंने इस फिल्म को दो बड़े समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाला बताया था। गौरतलब है कि कश्मीरी हिंदुओं के ऊपर हुए अत्याचार और उनके पलायन पर बनी पर बनी फिल्म द कश्मीर फाईल्स के समर्थन और विरोध में दो धाराएं खड़ीं हो गईं हैं। हाल ही में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस फिल्म पर ऐतराज किया था और कहा था कि लखीमपुर फाइल्स भी बनानी चाहिए। इसके बाद अब सपा सांसद एसटी हसन ने कहा है कि इस इस पर रोक लगानी चाहिए, क्योंकि इससे दो समुदायों में नफरत पैदा हो रही है और इससे देश के हालात बिगड़ सकते हैं।