वरुण गांधी ने यूक्रेन में फंसी एक भारतीय छात्र का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, 'सही समय पर सही फैसले न लिए जाने के कारण 15 हजार से अधिक छात्र भारी अव्यवस्था के बीच अभी भी युद्धभूमि में फंसे हुए है। ठोस रणनीतिक और कूटनैतिक कार्यवाही कर इनकी सुरक्षित वापसी इन पर कोई उपकार नहीं बल्कि हमारा दायित्व है। हर आपदा में ‘अवसर’ नही खोजना चाहिए।'

लखनऊ: यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों के मुद्दे को उठाते हुए बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर अपनी ही पार्टी की सरकार पर हमला बोला है। वरुण गांधी ने कहा है कि सही समय से फैसला नहीं लेने के कारण छात्र युद्धभूमि में फंसे हैं। वरुण गांधी ने सोमवार को एक ट्वीट के जरिए यूक्रेन क्राइसिस में मिस मैनेजमेंट का आरोप लगाते हुए सरकार पर तंज भी कसा है। 

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वरुण गांधी ने यूक्रेन में फंसी एक भारतीय छात्र का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, 'सही समय पर सही फैसले न लिए जाने के कारण 15 हजार से अधिक छात्र भारी अव्यवस्था के बीच अभी भी युद्धभूमि में फंसे हुए है। ठोस रणनीतिक और कूटनैतिक कार्यवाही कर इनकी सुरक्षित वापसी इन पर कोई उपकार नहीं बल्कि हमारा दायित्व है। हर आपदा में ‘अवसर’ नही खोजना चाहिए।'

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वरुण गांधी ने जो वीडियो शेयर किया है उसमें एक छात्रा भारतीय दूतावास के एक अधिकारी की शिकायत करती नजर आ रही है। छात्रा इस वीडियो में कह रही है कि दुनियाभर की सरकारें अपने स्टूडेंट्स को निकाल रही हैं, लेकिन भारत सरकार कुछ नहीं कर रही है। छात्रा आरोप लगा रही है कि भारत सरकार उनकी कोई मदद नहीं कर रही है।

रविवार तक यूक्रेन से 2000 भारतीय निकाले गए
इस बीच भारत ने युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताओं से रविवार को यूक्रेन व रूस को अवगत कराया है। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि भारत ने जिनेवा स्थित इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेड क्रॉस (आईसीआरसी) से भी संपर्क कर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी यूक्रेन से निकासी में मदद का अनुरोध किया है।

पत्रकारों से बातचीत में श्रृंगला ने बताया कि भारत ने यूक्रेन से अपने करीब 2,000 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है और उनमें से 1,000 लोगों को हंगरी और रोमानिया के रास्ते चार्टर्ड विमानों से घर लाया जा चुका है।
रूसी हमले के बाद यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने की कवायद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की है। पीएम ने जोर दिया कि भारतीय छात्रों की सुरक्षा और उनकी जल्द वापसी सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।