Rahul Gandhi And Akhilesh Hanuman Temple: बड़े मंगल पर राहुल गांधी रायबरेली में हनुमान मंदिर पहुंचे, जबकि अखिलेश यादव लखनऊ में भंडारे में प्रसाद बांटते नजर आए। दोनों नेताओं की तस्वीरें वायरल हैं और यूपी चुनाव 2027 से पहले इनके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
Bada Mangal: उत्तर प्रदेश में बड़े मंगल का पर्व इस बार सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसकी गूंज राजनीति के गलियारों तक सुनाई दी। एक तरफ राजधानी लखनऊ से समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की तस्वीरें सामने आईं, जहां वह आम श्रद्धालुओं के बीच बैठकर प्रसाद ग्रहण करते नजर आए। वहीं दूसरी ओर रायबरेली में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करते दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं और अब इनके राजनीतिक मायने भी तलाशे जा रहे हैं।

प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में विपक्षी दलों के बड़े चेहरे लगातार जनता के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। खास बात यह है कि अब राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भी नेताओं की सक्रियता तेजी से बढ़ी है।
रायबरेली में हनुमान मंदिर पहुंचे राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंचे। यहां उन्होंने बछरावां स्थित प्रसिद्ध चुरुवा हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन किया। मंदिर में पूजा के दौरान राहुल गांधी पूरी श्रद्धा के साथ नजर आए। उन्होंने बजरंग बली से प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना भी की।
स्थानीय लोगों के मुताबिक राहुल गांधी के मंदिर पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग वहां जुट गए। कई श्रद्धालुओं ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राहुल गांधी पिछले कुछ समय से अपने सार्वजनिक दौरों में मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर लगातार पहुंच बना रहे हैं। इससे पहले भी उनके कई मंदिर दर्शन राजनीतिक चर्चा का विषय बन चुके हैं।
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लखनऊ में भंडारे में बैठे नजर आए अखिलेश यादव
उधर, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लखनऊ के हजरतगंज इलाके में आयोजित बड़े मंगल भंडारे में पहुंचे। यहां उन्होंने पहले हनुमान जी की आरती की और फिर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण में हिस्सा लिया। वायरल तस्वीरों में अखिलेश यादव पूड़ी-सब्जी और बूंदी का प्रसाद बांटते हुए दिखाई दे रहे हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने आम लोगों के साथ जमीन पर बैठकर प्रसाद भी ग्रहण किया। उनके इस अंदाज को लेकर समर्थकों में खास उत्साह देखा गया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे “जनता के बीच उतरने की राजनीति” बताया, तो कुछ लोगों ने इसे आगामी चुनावों से जोड़कर देखा।

चुनावी मौसम में धार्मिक सक्रियता बढ़ी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की अहमियत लगातार बढ़ती जा रही है। भाजपा लंबे समय से हिंदुत्व और धार्मिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ बनाए हुए है। ऐसे में विपक्षी दल भी अब धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी के जरिए जनता से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी और अखिलेश यादव की हालिया तस्वीरों को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। बड़े मंगल जैसे बड़े धार्मिक अवसर पर दोनों नेताओं की मौजूदगी को राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

पहले भी चर्चा में आ चुके हैं अखिलेश
यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश यादव आम लोगों के बीच इस तरह नजर आए हों। इससे पहले अंबेडकर जयंती के अवसर पर भी वह एक भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते दिखाई दिए थे। उस दौरान प्रसाद परोसने वाली महिला के परिवार को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। समाजवादी पार्टी ने उस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा था। अब बड़े मंगल पर सामने आईं इन नई तस्वीरों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। आने वाले चुनावी महीनों में धार्मिक आयोजनों में नेताओं की सक्रियता और बढ़ने के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं।
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