Sushil Prajapati Bail News: गाजियाबाद में लॉ छात्रा रेप केस के आरोपी सुशील प्रजापति की जमानत पर रिहाई के बाद हुए भव्य स्वागत का वीडियो वायरल हो गया। फूल-मालाओं और रोड शो पर बवाल मच गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से सामने आए एक वीडियो ने पूरे देश में बहस छेड़ दी है। कानून की पढ़ाई कर रही छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में जेल गए सुशील प्रजापति की जमानत पर रिहाई के बाद जिस तरह से स्वागत किया गया, उसने न्याय व्यवस्था और समाज की संवेदनशीलता दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल से बाहर निकलते ही आरोपी के समर्थन में निकाला गया जुलूस अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन चुका है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि आरोपी को फूल-मालाओं से लाद दिया गया, समर्थकों ने कंधों पर बैठाकर नारे लगाए और पूरे घटनाक्रम को किसी “विजय जुलूस” की तरह पेश किया गया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

जमानत के बाद निकला रोड शो, वीडियो हुआ वायरल

बताया जा रहा है कि सुशील प्रजापति, जो पहले हिंदू युवा वाहिनी से जुड़ा रहा है, करीब नौ महीने बाद 17 मई को जमानत पर जेल से बाहर आया। रिहाई के तुरंत बाद समर्थकों ने उसका स्वागत किया। वायरल वीडियो में आरोपी सफेद कपड़ों में नजर आ रहा है और उसके गले में गेंदे की मालाएं डाली गई हैं। कई लोग उसे गले लगाते दिखे, जबकि कुछ समर्थकों ने उसके पैर तक छुए। इस दौरान दर्जनों गाड़ियों का काफिला भी नजर आया। मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करते लोगों और “V” साइन दिखाते समर्थकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

यह भी पढ़ें: IND vs AFG: अफगानिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया का ऐलान! गिल कप्तान, ODI में रोहित-कोहली की वापसी

क्या है पूरा मामला?

पीड़िता एक लॉ स्टूडेंट बताई जा रही है। आरोप है कि आरोपी ने उसे एक वकील से मिलवाने के बहाने फ्लैट पर बुलाया था, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। करीब नौ महीने जेल में रहने के बाद अब अदालत से उसे जमानत मिली है। हालांकि, जमानत मिलना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन जिस तरह आरोपी का सार्वजनिक स्वागत किया गया, उस पर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई है।

सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने सवाल उठाए कि गंभीर आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति का इस तरह स्वागत आखिर क्या संदेश देता है। कई लोगों ने इसे पीड़िता के लिए अपमानजनक बताया, तो कुछ ने कानून व्यवस्था पर भी चिंता जाहिर की। महिला अधिकारों से जुड़े कई लोगों ने कहा कि ऐसे दृश्य समाज में गलत संदेश पहुंचाते हैं और पीड़िताओं के न्याय के भरोसे को कमजोर कर सकते हैं।

Scroll to load tweet…

पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी के समर्थकों द्वारा फूल बरसाने और वाहन काफिला निकालने के वीडियो सामने आए हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि कहीं इस दौरान कानून-व्यवस्था या अनुमति से जुड़े नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ।

जमानत और दोष सिद्ध होने में फर्क

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी आरोपी को जमानत मिलना यह साबित नहीं करता कि वह दोषमुक्त हो गया है। अदालत में ट्रायल और सबूतों के आधार पर ही अंतिम फैसला होता है। ऐसे में किसी गंभीर आरोप का सामना कर रहे व्यक्ति को “हीरो” की तरह पेश करना सामाजिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करता है।

Scroll to load tweet…

समाज के सामने बड़ा सवाल

यह घटना सिर्फ एक वायरल वीडियो भर नहीं है, बल्कि यह उस मानसिकता पर बहस छेड़ रही है जिसमें गंभीर आरोपों का सामना कर रहे लोगों को भी सार्वजनिक समर्थन मिल जाता है। अब निगाहें पुलिस जांच और अदालत की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। वहीं, यह मामला एक बार फिर याद दिला रहा है कि संवेदनशील मामलों में समाज की प्रतिक्रिया भी उतनी ही अहम होती है, जितनी कानूनी प्रक्रिया।

यह भी पढ़ें: “हाथ मत लगाना…” पुलिस पर भड़कीं इकरा हसन, सहारनपुर में हाई वोल्टेज ड्रामा, VIDEO वायरल