वाराणसी में कमरे में अंगीठी जलाकर सोना एक परिवार को भारी पड़ गया। सुबह जब पड़ोसियों की शिकायत पर पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो सभी लोग बेसुध पड़े हुए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान दो साल की बच्ची की मौत भी हो गई। 

वाराणसी: दरेखूं गांव से सामने आई दर्दनाक घटना के बाद सभी हैरान हैं। यहां बंद कमरे में अंगीठी जलाकर एक परिवार रात में सोया था और सुबह सब बेसुध मिले। दम घुटने के चलते ही 2 साल के बच्चे की मौत हो गई। इस बीच माता-पिता और अन्य बेटा अस्पताल में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 

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कमरे में भरा था धुआं, बेसुध पड़े थे लोग
आपको बता दें कि चंदवक का निवासी राहुल कुमार पिकअप ड्राइवर है। दरेखूं गांव में ही किराए के एक मकान में पत्नी रिंकी और 2 साल के बच्चे के साथ रह रहा है। बुधवार की रात परिवार को लोग कमरे में अंगीठी जलाकर सोए थे। सुबह राहुल जब काफी देर तक बाहर नहीं आया और दरवाजा भी नहीं खुला तो पड़ोसियों को शंका हुई। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने पर भी जब कोई सूचना नहीं मिली तो पुलिस को फोन कर जानकारी दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने अस्पताल का दरवाजा तोड़कर देखा तो कमरे में धुआं भरा था। कमरे के अंदर सभी बेहोश पड़े हुए थे। पुलिस ने सभी को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने 2 साल के बच्चे को मृत घोषित कर दिया। वहीं 5 वर्षीय बच्चे अनुज का अस्पताल में इलाज करवाया जा रहा है। 

मेरठ से भी सामने आई थी ऐसी घटना, खत्म हो गया था परिवार 
आपको बता दें कि इससे पहले ऐसी ही घटना मेरठ से भी सामने आई थी। मेरठ में साल के आखिरी दिन टीपीनगर में 4 साल की मासूम और माता-पिता की मौत कमरे में अंगीठी जलाकर सोने के चलते हो गई थी। कमरे में ऑक्सीजन लेवल कम होने की वजह से सभी का दम घुंट गया था। उद्ममी अशोक बंसल के घर से सामने आई इस घटना में उनके नौकर के परिवार की मौत हुई थी। अशोक के द्वारा बताया गया था कि उन्होंने पहले भी नौकर को कमरे में कोयला जलाने से मना किया था हालांकि जरा सी नादानी के चलते सभी की जान चली गई। 

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