करीब 23 साल बाद बहुचर्चित सपा विधायक जवाहर यादव पंडित हत्याकांड मामले में ट्रायल कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुना दिया। कोर्ट ने करवरिया बंधुओं सहित एक अन्य को हत्या का दोषी करार दिया है।

प्रयागराज (Uttar Pradesh). करीब 23 साल बाद बहुचर्चित सपा विधायक जवाहर यादव पंडित हत्याकांड मामले में ट्रायल कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुना दिया। कोर्ट ने करवरिया बंधुओं सहित एक अन्य को हत्या का दोषी करार दिया है। 4 नवंबर को कोर्ट सजा सुनाएगी। मामले में पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया, पूर्व विधायक उदय भान, पूर्व एमएलसी सूरज भान और रामचंद्र त्रिपाठी दोषी करार दिए गए हैं। बता दें, पीड़ित पक्ष की तरफ से 18 गवाह और दोषियों के बचाव पक्ष की ओर से 156 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया था।

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एके 47 से गोली बरसा की गई थी हत्या
प्रयागराज की झूंसी विधानसभा से सपा विधायक जवाहर यादव पंडित की 23 साल पहले 13 अगस्त 1996 को सिविल लाइन्स में पैलेस सिनेमा के पास एके 47 रायफल से गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इनके साथ ड्राइवर गुलाब यादव और एक राहगीर कमल कुमार दीक्षित की भी गोली लगने से मौत हो गई थी। जबकि 2 लोग घायल हो गए थे। विधायक की पत्नी ने सिविल लाइंस थाने में करवारिया बंधुओं के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया था। 

योगी सरकार ने वापस ले लिया था केस फिर कोर्ट ने पलटा फैसला
बता दें, 2017 में यूपी में सरकार बनने के बाद योगी सरकार ने करवरिया बंधुओं से केस वापस ले लिया था, जिसका विरोध पूर्व विधायक विजमा यादव ने किया और कोर्ट में कानूनी लड़ाई भी लड़ी। इसके बाद कोर्ट ने सरकार के फैसले को यह कहते हुए वापस लौटा दिया कि ट्रायल कोर्ट में चल रहे मुकदमे की सुनवाई फैसले के करीब है। मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान राजस्थान के गवर्नर कलराज मिश्रा की भी गवाही हुई थी।