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सात मुर्दे पहुंचे डीएम के ऑफिस, बोले हमे भी चाहिए पेंशन

गांव के सचिव और प्रधान ने अपने गांव के ही सात जीवित लोगों को मृतक बताकर उसे अभिलेखों में दर्ज करवा दिया जिससे उनकी वृद्धा पेंशन बंद हो गयी।

village secretary shows seven live people dead in fake documents
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Budaun, First Published Sep 12, 2019, 10:16 AM IST
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बदायूं (उत्तर प्रदेश ).  बदायूं के जिलाधिकारी कार्यालय में बुधवार शाम एक अजीबोगरीब मामला सामने आया । डीएम आफिस में एक साथ सात लोग पहुंचे और स्वयं को मुर्दा बताते हुए पेंशन की मांग करने लगे।  जब अफसरों ने उनकी बात सुनी तो उनके होश उड़ गए। दरअसल गाँव के सचिव ने जीवित रहते हुए भी उन्हें सरकारी अभिलेखों में मृत दिखा दिया है। डीएम आफिस पहुंचे लोगों ने बताया कि वृद्धापेंशन के सत्यापन के दौरान सचिव ने जानबूझ कर उन्हें अभिलेखों में मृत दर्ज कर दिया है। सचिव की लापरवाही से नाराज होकर डीएम ने कड़ी फटकार लगाते हुए सचिव को सस्पेंड कर दिया है। 

मामला बदायूं जिले के विकासखंड सलारपुर का है। यहाँ के हुसैन करौतिया गांव के सात बुजुर्ग अधिकारियों के यहां इस बात का सबूत लेकर घूम रहे हैं कि वह अभी ज़िंदा हैं।  गांव के सचिव और प्रधान ने अपने गांव के ही सात जीवित लोगों को मृतक बताकर उसे अभिलेखों में दर्ज करवा दिया जिससे उनकी वृद्धा पेंशन बंद हो गयी। हांलाकि मामला डीएम दिनेश कुमार सिंह के संज्ञान में आते ही उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी से जांच कराई तो सचिव की लापरवाही सामने आई। जिसके बाद डीएम ने सचिव को संस्पेंड करते हुए सातों बुजुर्गों की पेंशन फिर से शुरू कराए जाने का निर्देश दिया है। 

ग्रामीणों ने कहा ग्राम प्रधान व सचिव की लापरवाही 

मामले में ग्रामीणों का कहना है कि गांव के 7 बुजुर्ग निसार हुसैन, अफसर, अलाउद्दीन, चंपा, मिराजन ,अकीला, और अफसर को गांव में तैनात सचिव व प्रधान की मिलीभगत से मृत दिखाया गया है। गांव में इस तरह से कई अन्य खामियां भी मिलेंगी इसकी व्यापक जांच जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा कराई जानी चाहिए। सचिव की गलती से इन लोगों की वृद्धावस्था पेंशन रुक गई है।  

डीएम ने जांच के बाद तत्काल कार्रवाई के दिए निर्देश 

पीड़ितो की शिकायत पर डीएम दिनेश कुमार सिंह ने तुरंत पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी को तलब किया है।  डीएम ने सचिव का सत्यापन रजिस्टर भी मंगवाया है।  फिलहाल डीएम ने सचिव को सस्पेंड करते हुए सभी की रुकी हुई पेंशन फिर से बहाल कराए जाने का आदेश दिया है। डीएम का कहना है कि पूरे मामले की जांच के बाद इसमें जितने भी लोग दोषी पाए जाएंगे सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। 

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