अधिकारियों ने बताया कि गर्भवती महिला के प्रसव को लेकर उसके परिजन चिंतित थे। इसके लिए चिकित्सक से बात कर सभी जरूरी इंतजाम कराया गया। महिला ने स्वस्थ्य बेटे को जन्म दिया है। महिला व उसका पति इस पल को यादगार बनाना चाहता था। इसलिए उसका नाम कोविड-19 रखा। 

रामपुर (Uttar Pradesh)। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए देशभर में 14 अप्रैल तक लाकडाउन किया गया है। इसके चलते बहुत से लोग जहां-तहां फंसे हैं। जिन्हें प्रशासन ने अस्थाई क्वारैंटाइन सेंटर में रखा है। रामपुर जिले में गैर राज्यों से आए मजदूरों में शामिल नेपाल की एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया है। परिवार और जिला प्रशासन ने उसका नाम कोविड-19 रखा है। जच्चा-बच्चा, दोनों स्वस्थ्य हैं। प्रशासन ने दोनों की समुचित इलाज व देखरेख की व्यवस्था की है।

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यह है पूरा मामला
नेपाल के बजांग जिले की रहने वाली हरकला गर्भवती थी। वो अपने पति के साथ अपने घर जाने के लिए निकली थी। वह हरियाणा के फरीदाबाद में रहती है। लेकिन, लॉकडाउन के बाद होटल बंद हो गए तो उसे वापस जाने के लिए कह दिया गया। ये सभी नेपाल जाने वाली बस में सवार हुए थे। लेकिन, 30 मार्च को रामपुर में पकड़कर आश्रम पद्धति स्कूल में क्वारैंटाइन कर दिया गया। जहां उसने एक अब बच्चे को जन्म दिया है। 

इस कारण कोविड-19 रखा नाम
अधिकारियों ने बताया कि गर्भवती महिला के प्रसव को लेकर उसके परिजन चिंतित थे। इसके लिए चिकित्सक से बात कर सभी जरूरी इंतजाम कराया गया। महिला ने स्वस्थ्य बेटे को जन्म दिया है। महिला व उसका पति इस पल को यादगार बनाना चाहता था। इसलिए उसका नाम कोविड-19 रखा।