बजट पेश करने के दूसरे दिन बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोली चलाकर रामनगरी की मान्यता को दूषित करने की कोशिश की, आज वो नागरिकता कानून के विरोध में हुई हिंसा के उपद्रवियों पर होने वाली कार्रवाई पर हमसे जवाब मांग रहे हैं।

लखनऊ (Uttar Pradesh). बजट पेश करने के दूसरे दिन बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोली चलाकर रामनगरी की मान्यता को दूषित करने की कोशिश की, आज वो नागरिकता कानून के विरोध में हुई हिंसा के उपद्रवियों पर होने वाली कार्रवाई पर हमसे जवाब मांग रहे हैं। मैं फिर कहता हूं कि लोकतंत्र की आड़ में अगर कोई आतंक मचाएगा तो उसे उसी की भाषा में समझाया जाएगा।

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संविधान के दायरे में रहकर करना चाहिए विरोध
योगी सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में सत्र 2020-21 के लिए अपना चौथा बजट पेश किया था। जिस पर बुधवार को चर्चा होनी थी, लेकिन विपक्षी दलों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा- लोकतंत्र में हर किसी को बोलने और विरोध करने का अधिकार और आजादी है। लेकिन यह संविधान के दायरे में रहकर करना चाहिए। जिन लोगों ने संविधान का ख्याल नहीं किया आज वा ही संविधान की दुहाई देते हैं। जिन लोगों ने महिलाओं की इज्जत को तार-तार किया वो महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं।

टोपी पहनने से धर्म नहीं हो जाता
सीएम योगी ने कहा, सिर पर टोपी पहनने से धर्म नहीं हो जाता। हमने धर्म के दायित्वों का निभाया है। अयोध्या में दबी हुई भावनाओं को मंच मिला, जिसने न्यायपालिका का गौरव बढ़ाया। विपक्षियों की उन्हें लोगों से सहानभूति है जो राष्ट्रीय सुरक्षा को आघात पहुंचाना चाहते हैं और जो टेरर फंडिंग करते हैं। किसानों और आम लोगों के प्रति उनकी कोई सहानुभूति नहीं है। रामभक्तों पर गोली चलवाया, आतंकवादियों के मुकदमे वापस लेते हैं, वो लोग कौन हैं? ऐसे लोगों को कभी समझ नहीं आएगा कि राम राज्य क्या है? वो कौन थे जो अयोध्या और बनारस और गोरखपुर समेत कई जगह होने वाले ब्लास्ट के आरोपियो की मदद कर रहे थे। सभी जानते हैं।