कुत्ते से वफादार दूसरा कोई जानवर नहीं होता। अपने मालिक के लिए यह जान तक दे देता है, वहीं माालिक से बिछुड़ कर रह नहीं पाता।

हटके डेस्क। कुत्ते से वफादार दूसरा कोई जानवर नहीं होता। अपने मालिक के लिए यह जान तक दे देता है, वहीं माालिक से बिछुड़ कर रह नहीं पाता। कुत्ते की वफादारी की कई घटनाएं देखने को मिलती हैं। अभी हाल में पता चला कि थाईलैंड में एक कुत्ता अपने मालिक से 4 साल पहले बिछुड़ गया था। लेकिन जिस जगह पर वह अपने मालिक से बिछुड़ा था, वहां रोज इस उम्मीद में आया करता था कि शायद किसी न किसी दिन उसका मालिक वहां आ जाए। पिछले दिनों थाईलैंड के नॉर्थ-ईस्टर्न प्रोविन्स रोई-एट के एक हाईवे पर अनुछित उनचारोइयन नाम के एक मोटर साइकिल सवार ने उसे देखा। वह कुत्ता बेहद उदास दिख रहा था और ऐसा लग रहा था मानो किसी का इंतजार कर रहा हो। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

दूसरे दिन भी उसी जगह पर मिला कुत्ता
जब अनुछित उनचारोइयन दूसरे दिन दोपहर बाद बाइक पर अपने बेटे के साथ जा रहा था तो उसे कुत्ता फिर वहीं बैठा मिला। तब वह रुका और उसने कुत्ते के बारे में वहां मौजूद लोगों से जानकारी लेनी चाही। वहां के लोकल लोगों ने उसे बताया कि वह कुत्ता साल 2015 से ही रोज वहीं आकर बैठता है। वहीं रहने वाली एक महिला साओलुक पिनुवेच ने बताया कि वह 2016 से यहां रह रही है और इतने वर्षों में एक दिन भी ऐसा नहीं बीता जब उसने कुत्ते को वहां बैठा नहीं देखा हो। 

पिनुवेच ने कुत्ते को अपने पास रखा, पर वह भाग निकला
पिनुवेच ने कहा कि उसने कुत्ते को अडॉप्ट कर लिया कर लिया और उसका नाम लियो रखा। लेकिन कुछ दिन तक रहने के बाद कुत्ता भाग गया और फिर उसी जगह पर बैठने लगा। इसके बाद पिनुवेच ने उसे दोबारा घर नहीं लाया, पर रोज उसे समय पर खाना देती रही। अनुछित ने इस कुत्ते की कहानी सोशल मीडिया पर शेयर कर दी। इसके बाद कुत्ते की मालकिन सामने आई। नोई सितिसरन नाम की इस 64 वर्षीया महिला ने बताया कि यह उसी का कुत्ता है। इसका नाम बॉन्ग बॉन्ग है और वह जब अपने पति के साथ एक पिकअप ट्रक से कहीं जा रही थी, तभी वह ट्रक से कूद गया था। उस महिला ने कहा कि मैने और मेरे पति ने कुत्ते को तलाश करने की पूरी कोशिश की, पर वह मिला नहीं।

अपनी मालकिन से लिपट गया कुत्ता
कुत्ते ने जब अपनी मालकिन को देखा तो वह उससे लिपट गया। कुत्ते की मालकिन ने कहा कि वह उसे अपने साथ ले जाएगी। लेकिन पिकअप ट्रक में बैठने के लिए कुत्ता तैयार नहीं हुआ। इसके बाद नोई सितिसरन ने कहा कि वह अगले दिन कुत्ते को लेकर जाएगी। लेकिन उसी रात साओलुक पिनुवेच ने सितिसरन को फोन कर कहा कि वह कुत्ते के बिना नहीं रह सकती। इसलिए वह कुत्ते को अपने साथ नहीं ले जाए। साओलुक कुत्ते के लिए इतनी भावुक हो गई कि रोने लगी। इसके बाद सितिसरन ने कहा कि वह कुत्ते को नहीं ले जाएगी, क्योंकि वह उसकी ठीक से देखभाल कर रही है। लेकिन उसे तब ज्यादा खुशी होती, जब कुत्ता उसके घर में रहता।