दिल्ली में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया। जहां एक शख्स की लाश का अंतिम संस्कार करने के 28वें दिन वो जिंदा लौट आया। 

नई दिल्ली: कई बार हमारी आंखों के सामने कुछ ऐसी चीजें आ जाती हैं, जिनपर यकीन कर पाना नामुमकिन ही होता है। जरा उस महिला के बारे में सोचिए, जिसने अपने पति की मौत का कड़वा सच मान लिया हो लेकिन एक महीने बाद वो जिंदा उसके सामने आकर खड़ा हो गया। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

जी हां, ये किसी फिल्म की कहानी नहीं है। बल्कि ऐसा हुआ भारत की राजधानी दिल्ली में। यहां एक शख्स की लाश पुलिस ने बरामद की। पता चला कि उसकी हत्या लोगों ने चोर बताकर की थी। उसे काफी पीटा गया था, जिसके कारण उसकी मौत हो गई थी। पुलिस युवक की पहचान में जुट गई। लाश 30 साल के युवक की थी। कुछ घंटों बाद एक परिवार वहां आया, जिसने उसकी पहचान की। 

पता चला कि युवक ट्रक ड्राइवर था। घरवालों ने उसके कपड़ों, हुलिए, टूटा दांत और हाथ की कटी उंगली से पहचान की। पुलिस को भी सारे सबूतों के आधार पर उन्हें लाश देनी पड़ी। इसके बाद साड़ी फॉर्मलिटीज की गई। घरवालों ने युवक का रीति रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया। 

युवक की मौत से उसके घरवाले सदमे थे। युवक की पत्नी और बच्चे भी काफी दुखी थे। लेकिन अंतिम संस्कार के बाद धीरे-धीरे सब नॉर्मल हो रहा था। लेकिन 28वें रोज शख्स वापस आ गया। उसे देखते ही सभी के होश उड़ गए। पति को अपने सामने देख बीवी बेहोश होकर गिर गई। जबकि बच्चे भूत-भूत चिल्लाकर भाग गए।

युवक ने बताया कि वो ट्रक ड्राइवर है। और इतने दिन से वो डिलीवरी पर था। जब वापस आया तो पता चला कि सबने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। उसने अपने जिंदा होने के तमाम सबूत भी दिए। लेकिन इस मामले में सबसे बड़ा सवाल उठता है कि जिस शख्स का अंतिम संस्कार किया गया वो कौन था?