दुनिया में ऐसे कई देश हैं, जो अब नक्शे पर दिखाई नहीं देते। किसी प्राकृतिक आपदा के कारण या प्रकोप से ये देश अब मैप का हिस्सा नहीं हैं। इसी बीच अब एक्सपर्ट्स ने एक और देश के डूबने की आशंका जताई है। 

जकार्ता. एक मिलियन की आबादी वाले शहर के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने चिंता जताते हुए आगह किया है। उन्होंने कहा है, अगर इसी तेजी से इलाके के ये हालात रहे तो 2050 तक इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता का एक तिहाई हिस्सा डूब सकता है । 

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क्या है वजह 
विशेषज्ञों की मानें तो, कई सालों से इलाके में समुद्र का बड़ता जलस्तर और तेजी से हो रहे मौसम में बदलाव की वजह से यह स्थिती निर्मित हुई है। इस वजह से इसके कई हिस्से गायब होना शुरू हो गए हैं। 

इंडोनेशिया की सरकार अब मौजूदा हालातों को देखते हुए कठोर कदम उठा रही है। सरकार के मुताबिक इलाके में पर्यावरण के उपाय कारगर साबित नहीं हुए हैं, जिस वजह से सरकार ने राजधानी बदलने का फैसला किया है।

राष्ट्रपति ने बताया मौत की घंटी 
वहीं इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोदो ने ट्वीट करते हुए कहा है-‘हमारे देश की राजधानी बोर्नियो पर स्थान्तरित कर दी जाएगी। देश की राजधानी और प्रशानिक और राजनीतिक केंद्रको स्थानांतरित करना राष्ट्रीय संरक्षण का कार्य हो सकता है। लेकिन ये जकार्ता के लिए मौत की घंटी के समान है।