पिछले 13 सालों से बॉस्टन के रहने वाले ल्यूक बेरयूब स्कूबा डाइविंग करने के दौरान ल्यूक मेटल डिटेक्टर के जरिये कई बेशकीमती चीजें निकाल चुके हैं. लेकिन ल्यूक को इन चीजों को उनके असली मालिक तक पहुंचाने का शौक है

कहते हैं समुद्र की गहराइयों में कई सारे राज छिपे होते हैं. ऊपर से शांत दिखने वाले समुद्र के अंदर क्या-क्या छिपा है, ये कोई नहीं जानता. 

इन्हीं चीजों की तलाश में पिछले 13 सालों से जुटे हैं बॉस्टन के रहने वाले ल्यूक बेरयूब. स्कूबा डाइविंग करने के दौरान ल्यूक मेटल डिटेक्टर के जरिये कई बेशकीमती चीजें निकाल चुके हैं. लेकिन ल्यूक को इन चीजों को उनके असली मालिक तक पहुंचाने का शौक है. 

हाल ही में ल्यूक अपने घर के पास बने एक तालाब में मेटल डिटेक्टर के साथ उतरे थे. इस दौरान अचानक उन्हें डिटेक्टर से किसी चीज का संकेत मिला. जब उन्होंने मिट्टी में खोज की, तो उनके हाथ 59 साल पुरानी अंगूठी लगी. इस सोने की अंगूठी में नीले रंग का बेशकीमती पत्थर भी जड़ा था. 

ल्यूक ने अंगूठी को बाहर निकाला, लेकिन अब ल्यूक इसे उसके असली मालिक तक पहुंचाना चाहते थे. इसलिए उन्होंने अंगूठी की तस्वीरें अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर की. इसके कुछ ही देर बाद उन्हें एक लड़की का मैसेज आया कि ये अंगूठी उसके पिता की है. 

दरअसल,ये अंगूठी 77 साल के बिल वैडल की थी, जो एक रिटायर्ड फाइनेंशियल कंट्रोलर हैं. उन्होंने इस अंगूठी को अपनी हाई स्कूल की गर्लफ्रेंड को पहनाई थी, जिसने इसे खो दिया था. लेकिन कहां, ये वो भी नहीं जानती थी. इतने सालों बाद अंगूठी के मिलने से बिल काफी खुश है. उन्होंने अंगूठी को अपनी पत्नी को पहनाया. 

ल्यूक के पास अब कई लोगों के कॉल्स आ रहे हैं, जो अपनी खोई हुई वेडिंग रिंग्स तलाश कर रहे हैं. ल्यूक का कहना है कि लोगों को उनकी खोई चीजें वापस देना उन्हें सुकून देता है. 

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