हटके डेस्क। यूके में रहने वाले 44 साल के बॉडीबिल्डर स्टीव बैंक ने कोरोना के डेडली वायरस को 50 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद भी मात दे दी। और तो और उनके डॉक्टर्स ने भी उनके बचने की उम्मीदें छोड़ दी थी। डॉक्टर्स के मुताबिक उनके बचने के सिर्फ 1 प्रतिशत चांस थे उसके बाद भी स्टीव ने हार नहीं मानी और कोरोना से जंग जीत ली। 

संक्रमण ऐसा कि कोमा में चला गया मरीज
स्टीव को 25 मार्च को सांस लेने में समस्या आने के बाद उन्होंने अस्पताल में जाकर चेकअप कराया। जिसके बाद उनकी कोरोना की जांच की गई और रिजल्ट पॉजिटिव आया। इसके बाद उनके हालात लगातार खराब होते गए। उसने शरीर ने साथ देना लगभग छोड़ दिया था। उनकी किडनी और हर्ट के साथ रेस्पेरेटरी सिस्टम भी फेल हो चुका था। वह कोमा में भी जा चुके थे। 

परिवार वालों ने कर ली थी फ्यूनरल की तैयारी
स्टीव दो बच्चों के पिता हैं। डॉक्टर्स के उम्मीद हारने के बाद उनके परिवार ने भी उनके बचने की उम्मीद छोड़ दी थी। उनके परिजनों ने उन्हें गुडबाय कार्ड भी भेजना शुरू कर दिया था। वहीं घरवालों ने उनके फ्यूनरल की तैयारी कर ली थी। लेकिन स्टीव ने हार नहीं मानी और कोरोना को मात दे दी। 

ट्रेक्टोनोमी थेरेपी से बची जान
स्टीव का शरीर कोमा में जाने के बाद उनके बचने के लगभग सारे चांस खत्म हो गए थे। इसके बाद ब्रूमफील्ड अस्पताल के डॉक्टर्स ने उन्हें ट्रेक्टोनोमी थेरेपी देने का फैसला किया और उनके शरीर को लाइफ सपोर्ट पर डाल दिया। डॉक्टर्स ने इलाज शुरू किया और खुशकिस्मति से यह तकनीकि काम कर गई। स्टीव अब कोरोना से मुक्त हो चुके हैं और कई लोगों के लिए इंशपिरेशन बन गए हैं।

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