हर न्यूली मैरिड कपल अपनी शादी से पहले ही हनीमून की प्लानिंग कर लेता है। हर कपल की कोशिश होती है कि वो सबसे अच्छी जगह पर साथ टाइम बिताए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर हनीमून की शुरुआत कब हुई थी?  

नई दिल्ली: हनीमून, यानी वो समय जब शादीशुदा जोड़ा एक-दूसरे को और करीब से जानने की कोशिश करता है। प्यार और रोमांस से भरे इस फेज में कपल और भी नजदीक आ जाते हैं। लेकिन कोई ये नहीं जानता कि इसका असल मतलब क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई थी। 

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हर कपल हनीमून की प्लानिंग शादी से पहले ही कर लेते हैं। जहां कुछ लोग विदेश में हनीमून मनाते हैं, तो कुछ लोग भारत में ही घूम आते हैं। सबसे पहले बात करते हैं कि हनीमून की शुरुआत कब हुई थी? इंटरनेट पर इस सवाल के कई जवाब मौजूद है। 

CountryLivings.com के मुताबिक, हनीमून की शुरुआत ब्रिटेन से हुई थी। यहां किसी कपल की शादी में जब कोई रिश्तेदार नहीं आ पाता था, तो कपल खुद उनके घर जाकर उनसे मिल आता था। कहा जाता है कि इससे रिश्ते मजबूत होते थे। साथ ही कपल का घूमना-फिरना भी हो जाता था। इस दौरान रिश्तेदार कपल को शहद चटाकर उनके मधुर जिंदगी की कामना करते थे। इसलिए इस परम्परा का नाम हनीमून पड़ा। 

एक और वेबसाइट के मुताबिक, इसे हनीमून नहीं बल्कि हनीमोन्स कहते हैं। इसका मतलब वो समय जब कपल कम होते प्यार को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। एक और सोर्स के मुताबिक, फिफ्थ सेंचुरी में सुहागरात से पहले कपल को शहद से बनी ड्रिंक पिलाई जाती थी। इसके बाद कपल चांदनी रात में डांस करते थे। इसलिए इसका नाम हनीमून रखा गया।