कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस का संक्रमण बच्चों और बूढ़ों में जल्दी होता है। इस वायरस का संक्रमण ज्यादा उम्र के लोगों को होने पर उनके बचने की संभावना कम होती है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की एक 94 साल की महिला कोरोना का संक्रमण होने के बावजूद बच गई।

हटके डेस्क। कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस का संक्रमण बच्चों और बूढ़ों में जल्दी होता है। इस वायरस का संक्रमण ज्यादा उम्र के लोगों को होने पर उनके बचने की संभावना कम होती है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की एक 94 साल की महिला मॉरीन कोरोना का संक्रमण होने के बावजूद बच गई। कोरोना का संक्रमण होने के बाद इस वृद्ध महिला को मेलबर्न के ऑस्टिन हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया। डॉक्टरों को यह उम्मीद नहीं थी कि यह महिला बच पाएगी, लेकिन कुछ ही दिनों के इलाज के बाद वह पूरी तरह ठीक हो गई। यह देख कर डॉक्टर और हॉस्पिटल का पूरा मेडिकल स्टाफ हैरत में रह गया, क्योंकि उस वृद्ध महिला की हालत काफी खराब थी। 

दिया गार्ड ऑफ ऑनर
कोरोना से जंग में जीत हासिल करने के बाद जब इस महिला को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया रहा था, तो ऑस्टिन हॉस्पिटल के डॉक्टर, नर्स और दूसरे मेडिकल स्टाफ ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया और खुशी से तालियां बजाई। सभी इस चमत्कार से हैरत में थे। डॉक्टरों का कहना था कि उस महिला में वायरस के अटैक के बावजूद किसी तरह का डर नहीं था। उसके परिवार के लोग भी यह देख कर हैरान थे, क्योंकि बहुत जल्दी वह कोरोना जैसी भयानक बीमारी से ठीक हो गई, जबकि उनकी पसली की हड्डियां हाल ही में टूट गई थीं।

सेकंड वर्ल्ड वॉर और महामंदी के दौर को देखा
इस वृद्ध महिला ने सेंकड वर्ल्ड वॉर और उसके पहले 1930 की महामंदी के दौर को भी देखा और बहुत परेशानियां झेलीं। इससे उनके अंदर कठिन परिस्थितियों से लड़ने की ताकत बढ़ती चली गई। डॉक्टरों ने कहा कि बीमार होने के बावजूद मॉरीन का आत्मविश्वास देखने लायक था। वह जरा भी परेशान नजर नहीं आ रही थीं। हॉस्पिटल से जब मॉरीन को डिस्चार्च किया जा रहा था, तो उनका उत्साह देखते ही बनता था। उन्होंने कहा कि मैं इस बीमारी से लड़ी और मुझे जीत हासिल हुई। उन्होंने हॉस्पिटल के सभी डॉक्टरों, नर्सों और दूसरे मेडिकल स्टाफ की काफी प्रशंसा की। मॉरीन ने कहा कि इनका व्यवहार बहुत ही अच्छा था और सबने उनकी बेहतर तरीके से देखभाल की।

104 साल के शख्स ने भी दिया कोरोना को मात
मॉरीन के अलावा कोरोना वायरस से पीड़ित 104 साल के एक शख्स ने भी कोरोना को मात दे दिया। विलियम लैपशेज नाम के ये शख्स सेंकड वर्ल्ड वॉर के वेटरन रह चुके हैं। ये सेकंड वर्ल्ड वॉर के सैनिकों के लिए अमेरिका के ओरेगांव में बने घर में रहते हैं। 10 मार्च को पता चला कि उन्हें कोरोना वायरस का इन्फेक्शन है। इसके बाद उनका इलाज शुरू हुआ और वे अपने 104वें जन्मदिन के पहले ही ठीक हो गए। फिर धूमधाम से साथियों ने उनका बर्थडे सेलिब्रेट किया। 

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