Japan Earthquake: जापान में 7.1 तीव्रता के भूकंप के दौरान ऑपरेशन जारी रहा। झटकों के बीच मेडिकल टीम ने OT और मरीज को संभाला और बाद में ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया।

जापान के कुमामोटो में एक अस्पताल में सर्जन एक मरीज का ऑपरेशन कर रहे थे। इसी दौरान 7.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप के कारण ऑपरेशन थिएटर में जोरदार झटके महसूस हुए और मेडिकल टीम के लिए खुद को संभालना मुश्किल हो गया। 'डेली मेल' की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन थिएटर के फुटेज में देखा गया कि जैसे ही पूरा कमरा हिलने लगा, मेडिकल स्टाफ ने ऑपरेशन टेबल को पकड़ लिया। टीम ने मरीज को सुरक्षित रखने की पूरी कोशिश की।

भूकंप के झटकों से हिलने लगा ऑपरेशन थिएटर

भूकंप के दौरान ऑपरेशन थिएटर एक तरफ से दूसरी तरफ हिल रहा था। तेज झटकों के कारण मेडिकल टीम के सदस्यों के लिए खड़े रहना भी मुश्किल हो रहा था। कमरे में मौजूद उपकरण हिलने लगे और ऊपर लगी लाइटें भी टिमटिमाती नजर आईं।

Scroll to load tweet…

मेडिकल स्टाफ ने ऑपरेशन टेबल को संभाला

'NYPost' की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप के दौरान हिल रही मशीनरी को स्थिर करने की कोशिश में मेडिकल स्टाफ का एक सदस्य जमीन पर गिर गया। वहीं, दो अन्य स्टाफ सदस्यों ने ऑपरेशन टेबल को मजबूती से पकड़कर रखा, ताकि वह अपनी जगह से न हिले। इस दौरान मेडिकल टीम ने मरीज की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थिति को संभालने की कोशिश की।

कुछ देर रुका ऑपरेशन, फिर हुआ सफलतापूर्वक पूरा

NHKOne के अनुसार, भूकंप के कारण ऑपरेशन में थोड़ी देर के लिए रुकावट आई। स्थिति संभलने के बाद मेडिकल टीम ने ऑपरेशन दोबारा शुरू किया और इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में 5 अगस्त तक कामकाज सामान्य हो चुका है।

जापान में 7.1 तीव्रता के भूकंप से भारी नुकसान

28 जुलाई की दोपहर जापान के दक्षिणी द्वीप क्यूशू में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप में करीब 38 लोगों की मौत हो गई और 120 से ज्यादा लोग घायल हुए। भूकंप के बाद कई घरों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा। कुछ इमारतें ढह गईं, जबकि कई जगहों पर सड़कों में दरारें आ गईं। इसके अलावा, हजारों संपत्तियों की बिजली भी चली गई।

हजारों घरों में पानी और बिजली की सप्लाई प्रभावित

भूकंप के बाद 79,000 से ज्यादा घरों में पानी की सप्लाई बंद हो गई। वहीं, करीब 3,500 घरों में कई दिनों तक बिजली नहीं थी। इस दौरान तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। भूकंप के बाद करीब 9,000 लोगों ने आपातकालीन आश्रयों में शरण ली। भूकंप के झटके समुद्र के पार दक्षिण कोरिया में भी महसूस किए गए।