अगर भीड़ में भी आपकी नजर किसी ऐसे शख्स पर पड़ती है, जिसकी मूंछें ना हो जबकि दाढ़ी बढ़ी हो, तो एक बार में ही समझ आ जाता है कि वो इस्लाम धर्म से जुड़ा है। लेकिन कभी आपने इसके पीछे की वजह जानने की कोशिश की है? 

दुबई: भारत एक ऐसा देश है, जहां कई धर्म के लोग रहते हैं। भारत में हिन्दू और मुस्लिमों के बीच गहरा रिश्ता है। ज्यादातर हिन्दू अपने धर्म के बारे में तो जानते हैं लेकिन इस्लाम धर्म के बारे में पूरी जानकारी ना होने की वजह से तरह तरह की भ्रांतियां फैली हुई है। इतना ही काफी नहीं है विभिन्न आतंकी संगठनों और इस्लामिक कत्त्र्पंथियों की वजह से इस प्रगतिवादी धर्म को रुढ़िवादी बना दिया गया है। हमें ये जानना होगा कि कोई धर्म बुरा नहीं है।

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आसानी से आ जाते हैं पहचान में 
अक्सर मुसलमानों की पहचान का सबसे आसान तरीका उनकी दाढ़ी मानी जाती है। मौलाना-मौलवी से लेकर आम मुसलमान ऐसे ही दाढ़ी मूंछ रखते है। कुछ लोग इसे इस्लाम के कट्टरपंथ से जोड़ते है। लेकिन इसके पीछे एक कारण है कि आखिर मुस्लिम ऐसी दाढ़ी-मूंछ क्यों रखते हैं। 

धर्म नहीं मौसम है वजह 
इस्लाम की उत्पत्ति अरब में हुई थी। हम सब जानते है कि अरब में धूल मिट्टी बहुत ज्यादा है और यदा कदा रेतीले तूफ़ान आते रहते है। ऐसे में दाढ़ी चेहरे को गर्मी से जलने से बचाती है। वहीं बात अगर साफ मूंछ की करें तो घनी मूंछ होने पर अक्सर ऐसा होता है कि कुछ खाते या पीते समय बाल या धूल खाने में जा सकते है। इससे बचने के लिए मूंछें साफ रखी जाती है।

अन्न और पानी से जुड़ा मामला 
मूंछें ना रखने के पीछे एक और कारण है। कहा जाता है कि बढ़ी मूंछ होने से कुछ खाते या पीते समय मूंछों में अन्न के टुकड़े फंसते हैं। ऐसे में ये खाद्यान की बर्बादी होती है। इसलिए वो मूंछें साफ़ रखते हैं।