1910 में जॉर्ज मुर्राय लेविक ने अंटार्कटिक एक्सपेडिशन पर की गई खोज के बाद पाया था कि इंसानों की तरह ही पेंग्विन्स में भी मादाओं से देह व्यापार करवाया जाता है। हालांकि, उनकी इस खोज को उस समय पब्लिश नहीं किया गया था, लेकिन अब एक नई किताब में ये बात सामने आई है। 

ब्रिटेन: दुनिया में कई देशों ने महिलाओं की सुरक्षा और हक़ के लिए देह व्यापार पर रोक लगा दी है। कई जगह ये लीगल है लेकिन इसके साथ कई नियम और कायदे भी हैं। लेकिन अगर हम आपसे कहें कि दुनिया में जानवरों की एक ऐसी प्रजाति है, जिसमें नर मादाओं का सौदा करते हैं तो? शायद आपको लगेगा कि ये कोई मजाक है लेकिन एक साइंटिस्ट ने आज से 100 साल पहले ही इस बात की पुष्टि कर दी थी।

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नई किताब में खुलासा 
जॉर्ज मुर्राय लेविक ने आज से 100 साल पहले ही एक रिसर्च में बताया था कि पेंग्विन्स में मादाओं का दुष्कर्म किया जाता है। इतना ही नहीं, इस प्रजाति के नर महिलाओं का सौदा करते हैं। वो भी पत्थरों के बदले। उन्होंने अपनी इस रिसर्च को पब्लिश करवाना चाहा था लेकिन एडवर्डियन ब्रिटेन ने इस कंटेंट को आपत्तिजनक बता कर पब्लिश नहीं किया था। लेकिन अब लॉयड स्पेंसर डेविस नाम के राइटर ने नई किताब अ पोलर अफेयर में इसका खुलासा किया है।

क्या पाया था खोज में?
लेविक ने जब 1910 में अपनी खोज की थी, तब उनकी टीम को रोबर्ट फाल्कन स्कॉट ने लीड किया था। अपनी किताब में डेविस ने उनके रिसर्च का हवाला देते हुए लिखा है कि पेंग्विन्स की प्रजाति में मादाओं के साथ गैंग रेप होता है और कई मादाओं को सेक्सयुअल अब्यूज सहना पड़ता है। यहां तक कि नर पेंग्विन मादाओं का सौदा भी करते हैं। जिस तरह इंसान पैसे के बदले महिलाओं से देह व्यापार करवाते हैं, उसी तरह पेंग्विन्स पत्थरों के बदले ऐसा करते हैं।

इसलिए दबा दी गई थी रिसर्च 
किताब के मुताबिक, इस रिसर्च को ग्रीक भाषा में लिखा गया था। ऐसा इसलिए कि इसका कंटेंट कई लोगों को आपत्तिजनक लग सकती थी। लेविक ने लिखा कि पेंग्विन्स मादाओं को रिझाने के लिए सबसे बड़े घोंसले बनाते थे। लेकिन जब मादा इंप्रेस नहीं होती थी, तब वो पत्थरों के जरिये मादाओं को खरीद लेते थे। ितं यही नहीं, इससे पहले पेंग्विन्स में सेम सेक्स मैरिज की भी खबर आ चुकी