तमिलनाडु से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां डॉक्टर्स ने एक गाय के पेट से 52 केजी प्लास्टिक निकाला। 

तमिलनाडु: भारत में सरकार ने प्लास्टिक के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है। बावजूद इसके लोग खुलेआम प्लास्टिक यूज कर रहे हैं। लोग नहीं समझते कि इसका इस्तेमाल पर्यावरण के साथ जानवरों के लिए भी कितना नुकसानदायक है। हाल ही में तमिलनाडु में एक गाय के पेट की सर्जरी कर डॉक्टर्स ने 52 केजी प्लास्टिक निकाला गया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

दर्द से छटपटा रही थी
गाय के मालिक ने उसे दर्द से छटपटाते देखा तो उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंचे। गाय कई बार अपने ही पेट पर लात मारती थी। वो कम दूध देने लगी थी। साथ ही उसे पेशाब करने में भी तकलीफ होने लगी थी। मालिक ने उसे आराम करने के लिए अकेले कमरे में छोड़ दिया था। लेकिन कई दिनों तक जब उसे आराम नहीं आया तो आखिर में उसे तमिलनाडु वेटरिनरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी में एडमिट किया गया। 

ऑपरेशन थियेटर में हैरान थे डॉक्टर्स 
डॉक्टर्स ने गाय के दर्द को देखते हुए उसकी सर्जरी करने का फैसला किया ,ऑपरेशन के दौरान उसके पेट से डॉक्टर्स ने पांच किलो प्लास्टिक निकाला। दरअसल, हर दिन गाय को बाहर घास चरने के लिए छोड़ दिया जाता था। लेकिन रास्ते में या कचरे के डिब्बे में फेंके खाने ले साथ गाय प्लास्टिक भी खा जा रही थी। खाना तो पच जाता था लेकिन प्लास्टिक पेट में जमा होता या। इस कारण उसके पेट में 52 केजी प्लास्टिक भर गया था, जो दर्द की मुख्य वजह थी।

करनी पड़ी मशक्कत 
डॉक्टर्स ने सर्जरी में पूरे 5 घंटे मेहनत कर गाय के पेट से प्लास्टिक बाहर निकाला। डॉक्टर्स के मुताबिक, दो सालों में गाय के पेट में ये कचरा जमा हुआ होगा। प्लास्टिक के कारण उसके पेट में जहरीली गैस बनने लगी थी। साथ ही उसे पेट से जुड़ी कई समस्याएं हो रही थी। साथ ही दूध का निर्माण भी कम होने लगा था। सर्जरी के बाद गाय को अस्पताल में ही रखा गया है।

काफी खतरनाक है प्लास्टिक 
सरकार द्वारा कई बार अपील के बावजूद लोग प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद नहीं कर रहे। लोग कचरा प्लास्टिक में भरकर फेंक तो देते हैं, लेकिन जानवर कचरे के साथ प्लास्टिक भी निगल लेते हैं। कचरा, जिसमें सब्जी के छिलके या बासी खाना शामिल होता है, वो तो पेट में पच जाता है लेकिन प्लास्टिक पेट में ही जमा होता जाता है। कई जानवरों की इस कारण मौत भी हो जाती है।